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राम मंदिर ट्रस्ट CEO तैनाती पर अवधेश प्रसाद: 'चंदा चोरी करने वाले बचेंगे नहीं, 2027 में BJP का सफाया'

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राम मंदिर ट्रस्ट CEO तैनाती पर अवधेश प्रसाद: 'चंदा चोरी करने वाले बचेंगे नहीं, 2027 में BJP का सफाया'

सारांश

SP सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति को 'अर्थहीन' बताते हुए कहा कि कथित चंदा चोरी के दोषी 'बचेंगे नहीं'। साथ ही महाराष्ट्र में 2 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से काटने पर BJP पर निशाना साधा और नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों के लिए युद्धस्तरीय मदद की माँग की।

मुख्य बातें

अवधेश प्रसाद (SP सांसद, अयोध्या) ने 2 सितंबर को लखनऊ में राम मंदिर ट्रस्ट CEO नियुक्ति को 'अर्थहीन' बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के खुलासे के 2 महीने बाद भी कथित चंदा चोरी मामले में कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई।
महाराष्ट्र SIR में 2 करोड़ से अधिक नाम कटने पर BJP पर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के मतदान अधिकार छीनने का आरोप।
नेपाल बाढ़ को 'बड़ी प्राकृतिक आपदा' बताते हुए लापता भारतीयों के लिए युद्धस्तरीय खोज अभियान की माँग।
प्रसाद ने दावा किया कि UP विधानसभा चुनाव 2027 में BJP का 'सफाया' होगा।

समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने 2 सितंबर 2026 को लखनऊ में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, महाराष्ट्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) विवाद और नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रसाद ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में हुई कथित चंदा चोरी के मामले में 'बड़ी मछलियों' को बचाने का काम हो रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है।

CEO तैनाती पर विरोध

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा CEO की नियुक्ति किए जाने पर अवधेश प्रसाद ने कहा, 'सीईओ की तैनाती का कोई मतलब नहीं है। इस पद पर चाहे आईएएस हो या आईपीएस, उसे सरकार के दबाव में काम करना पड़ेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव ने कथित चंदा चोरी का खुलासा किया था, जिसे 2 महीने से अधिक हो चुके हैं, परंतु उनके अनुसार अभी तक कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि यह कथित 'चोरी और डकैती' प्रभु श्रीराम के दरबार की है और इसमें शामिल लोग अंततः न्याय से नहीं बचेंगे। उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा, 'जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब किसी शक्ति का उदय होता है।' उन्होंने दावा किया कि इसकी 'शुरुआत 2024 लोकसभा चुनाव से हो चुकी है' और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'सफाया' होगा।

महाराष्ट्र SIR विवाद पर आरोप

महाराष्ट्र में विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत 2 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से कटने के आरोपों पर प्रसाद ने BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और BJP सरकार ने लगातार दलितों, पिछड़े वर्गों तथा अल्पसंख्यकों के मतदान अधिकार छीनने की कोशिश की है।

उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल का भी उल्लेख किया और कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय गई थीं। प्रसाद के अनुसार, 'लोगों का BJP से भरोसा और विश्वास उठ गया है और अब पार्टी के पास मतदाताओं को गुमराह करने के अलावा कुछ नहीं बचा है।' यह आरोप उन्होंने अपनी ओर से लगाए हैं; BJP की ओर से इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।

नेपाल बाढ़ पर मानवीय अपील

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर प्रसाद ने इसे 'बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना' करार दिया। उन्होंने भारत सरकार से मानवीय आधार पर 'युद्ध स्तर' पर सहायता प्रदान करने की माँग की।

प्रसाद ने विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों की चिंता जताई जो नेपाल में अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को खोज अभियान चलाकर लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाना चाहिए और इसके लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्षी दलों ने लगातार सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। CEO की नियुक्ति को सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने का कदम बताया है, जबकि विपक्ष इसे अपर्याप्त बता रहा है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ, यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष का यह सवाल वाजिब है कि क्या यह कदम कथित वित्तीय अनियमितताओं की जड़ तक पहुँचता है या केवल ऊपरी सुधार है। असली परीक्षा यह होगी कि नया CEO सरकारी दबाव से स्वतंत्र होकर काम कर पाएगा या नहीं — एक ऐसा संस्थान जो धार्मिक आस्था और राजनीतिक संवेदनशीलता दोनों का केंद्र है, वहाँ जवाबदेही का ढाँचा पारदर्शी होना अनिवार्य है। महाराष्ट्र SIR विवाद भी मुख्यधारा की कवरेज में जितना मिल रहा है, उससे कहीं अधिक गंभीर है — 2 करोड़ से अधिक नाम हटाने की प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक समीक्षा अभी भी अधूरी है। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले ये दोनों मुद्दे विपक्ष के लिए राजनीतिक हथियार बनते जा रहे हैं।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की तैनाती पर अवधेश प्रसाद ने क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि CEO की तैनाती का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि चाहे IAS हो या IPS, उसे सरकार के दबाव में काम करना होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित चंदा चोरी के खुलासे के 2 महीने बाद भी कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई और बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चंदा चोरी का मामला क्या है?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चंदा चोरी का खुलासा किया था। अवधेश प्रसाद के अनुसार यह खुलासा 2 महीने से अधिक पुराना है, लेकिन अभी तक कोई कारगर जाँच नहीं हुई है।
महाराष्ट्र SIR विवाद में 2 करोड़ नाम काटने पर SP का क्या रुख है?
SP सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के तहत 2 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से काटकर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के मतदान अधिकार छीनने की कोशिश की है। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी कोशिशों का उल्लेख किया।
नेपाल बाढ़ पर अवधेश प्रसाद ने सरकार से क्या माँग की?
अवधेश प्रसाद ने नेपाल बाढ़ को बड़ी प्राकृतिक आपदा बताते हुए भारत सरकार से मानवीय आधार पर युद्धस्तर पर सहायता देने की माँग की। उन्होंने विशेष रूप से नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाने के लिए तत्काल खोज अभियान चलाने की अपील की।
अवधेश प्रसाद ने 2027 UP चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2024 लोकसभा चुनाव में BJP के प्रदर्शन से 'शुरुआत हो चुकी है' और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP का 'सफाया' होगा। यह उनका राजनीतिक आकलन है।
राष्ट्र प्रेस
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