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दिशा सालियान मामले में CBI जांच के आदेश के बाद राम कदम का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला

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दिशा सालियान मामले में CBI जांच के आदेश के बाद राम कदम का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला

सारांश

बॉम्बे हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के बाद दिशा सालियान मामला एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है। BJP नेता राम कदम ने उद्धव और आदित्य ठाकरे पर मामला दबाने के गंभीर आरोप लगाए हैं और सवाल उठाया है कि क्या एक आम पिता को न्याय नहीं मिलेगा।

मुख्य बातें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले में उनके पिता की याचिका पर CBI जांच का आदेश दिया।
BJP नेता राम कदम ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मामले को दबाया और आदित्य ठाकरे का नाम इसमें सामने आ रहा है।
महाराष्ट्र की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कथित तौर पर लगभग 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर राहुल गांधी के आरोपों को राम कदम ने खारिज किया।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO पद के लिए लगभग 6,000 आवेदन आए।
देश की GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत पर विपक्ष के सवालों को राम कदम ने 'राजनीति प्रेरित' बताया।
नेपाल बाढ़ में फंसे कैलाश मानसरोवर यात्रियों में महाराष्ट्र के नागरिक भी शामिल थे।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार, 2 सितंबर को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में उनके पिता की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जांच का आदेश दिया। इस फैसले के तुरंत बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई, और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राम कदम ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके पुत्र आदित्य ठाकरे पर सीधे निशाना साधा।

दिशा सालियान मामले में CBI जांच का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट का यह निर्देश दिशा सालियान के पिता की उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई। गौरतलब है कि दिशा सालियान की मृत्यु जून 2020 में हुई थी — सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले — और तब से यह मामला राजनीतिक विवादों के केंद्र में रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक वातावरण पहले से ही तनावपूर्ण है और ठाकरे परिवार पर कई मोर्चों पर दबाव बना हुआ है।

राम कदम के गंभीर आरोप

राम कदम ने कहा, 'एक पिता ने अपनी बेटी को खो दिया है। तो सबसे पहले किसकी बात सुनी जानी चाहिए? दिशा सालियान के पिता खुलकर कह रहे हैं कि उस समय के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मामले को दबा दिया था। उन्होंने इसे क्यों दबाया? उद्धव ठाकरे किसे बचाने की कोशिश कर रहे थे? इस मामले में आदित्य ठाकरे का नाम खुलकर सामने आ रहा है।'

कदम ने आगे कहा, 'सिर्फ इसलिए कि वह पिता एक आम आदमी हैं, क्या उन्हें न्याय नहीं मिलना चाहिए? इसीलिए उन्होंने न्यायपालिका से गुहार लगाई है। न्यायपालिका दिशा सालियान के परिवार को उचित न्याय दिलाएगी।' उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

वोटर लिस्ट विवाद और राहुल गांधी पर पलटवार

महाराष्ट्र की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कथित तौर पर लगभग 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा 'वोट चोरी' के आरोपों पर राम कदम ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, 'अगर वे चुनाव हारते हैं, तो EVM मशीन खराब है। अगर वे जीतते हैं, तो EVM मशीन अच्छी है। अगर किसी एक व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में चार बार आता है या किसी मृत व्यक्ति का नाम उस पर होता है, तो स्वाभाविक रूप से उन नामों को हटा दिया जाएगा। कांग्रेस मांग करती है कि उन्हें रखा जाए — क्या आप उनके ज़रिए फर्जी वोटिंग करवाना चाहते हैं?'

राम मंदिर CEO नियुक्ति और GDP वृद्धि पर बयान

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा अपने पहले CEO की नियुक्ति पर राम कदम ने कहा कि यह 500 साल के संघर्ष का नतीजा है और पूरी पारदर्शिता के साथ भक्तों की सुविधा व मंदिर प्रशासन के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पद के लिए लगभग 6,000 लोगों ने आवेदन किए थे।

देश की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि पर विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया की GDP वृद्धि लगभग 3 प्रतिशत है और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 7 प्रतिशत का अनुमान लगाया था, उस स्थिति में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देश के 140 करोड़ नागरिकों की मेहनत का परिणाम है।

नेपाल बाढ़ त्रासदी पर भारत की सहायता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर राम कदम ने कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी और मित्र देश है, इसलिए भारत शुरू से उसके साथ खड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान कुछ भारतीय यात्री — जिनमें महाराष्ट्र के लोग भी शामिल थे — वहाँ फंस गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि सटीक मृत्यु आँकड़े आने में समय लगेगा क्योंकि प्रभावित क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम हैं और अभी भी बड़ी मात्रा में मलबा हटाना बाकी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस मामले का राजनीतिकरण इतना गहरा हो चुका है कि तथ्य और आरोप के बीच की रेखा धुंधली पड़ती जा रही है। राम कदम के बयान में आदित्य ठाकरे पर लगाए गए आरोप अभी तक न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हैं — इन्हें कथित आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि CBI जांच क्या नए तथ्य सामने लाती है, या यह मामला भी पहले की तरह राजनीतिक बयानबाजी तक सिमटकर रह जाता है। दिशा सालियान के पिता की लड़ाई न्याय के लिए है — उसे किसी दल के चुनावी एजेंडे का हिस्सा नहीं बनने दिया जाना चाहिए।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिशा सालियान मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश क्यों दिया?
दिशा सालियान के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर निष्पक्ष जांच की माँग की थी, जिस पर अदालत ने 2 सितंबर को CBI को जांच का आदेश दिया। दिशा सालियान की मृत्यु जून 2020 में हुई थी और उनके परिजनों का आरोप है कि मामले की ठीक से जांच नहीं हुई।
राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP नेता राम कदम ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन मुख्यमंतंत्री उद्धव ठाकरे ने दिशा सालियान मामले को कथित तौर पर दबाया और आदित्य ठाकरे का नाम इस मामले में सामने आ रहा है। ये आरोप अभी तक न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हैं।
महाराष्ट्र वोटर लिस्ट से 2 करोड़ नाम हटाने का विवाद क्या है?
SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कथित तौर पर लगभग 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है। राम कदम ने इसे खारिज करते हुए कहा कि डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पहले CEO के लिए कितने आवेदन आए?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO पद के लिए लगभग 6,000 लोगों ने आवेदन किया। राम कदम के अनुसार यह नियुक्ति पूरी पारदर्शिता के साथ भक्तों की सुविधा और मंदिर प्रशासन के लिए की जा रही है।
नेपाल बाढ़ में भारतीय यात्री कैसे फंसे और भारत क्या मदद कर रहा है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान कुछ भारतीय यात्री — जिनमें महाराष्ट्र के नागरिक भी शामिल थे — नेपाल में बाढ़ के कारण फंस गए। राम कदम के अनुसार भारत सरकार ने नेपाल को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की है और सटीक मृत्यु आँकड़े आने में समय लगेगा क्योंकि प्रभावित क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम हैं।
राष्ट्र प्रेस
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