दिशा सालियान मौत मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट आज सुबह 11 बजे सुनाएगा फैसला, CBI जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे हाईकोर्ट बुधवार, 3 सितंबर 2025 को सुबह 11 बजे IST दिशा सालियान मौत मामले में अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर याचिका पर 28 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका में एफआईआर दर्ज कराने और सीबीआई अथवा एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसी से नई जांच की माँग की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद दिशा सालियान की मृत्यु हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने घटना को आत्महत्या मानते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। गौरतलब है कि दिशा की मौत सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से महज कुछ दिन पहले हुई थी, जिसके चलते यह मामला राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था।
पिता के आरोप और याचिका
सतीश सालियान पुलिस की ADR से कभी संतुष्ट नहीं रहे। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कथित तौर पर दावा है कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या की गई। इसी आधार पर उन्होंने माँग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सुनवाई का क्रम
इस याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई चली। 28 अगस्त को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। यह ऐसे समय में आया है जब सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े तमाम मामले अभी भी न्यायिक और सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। दिशा सालियान का मामला उनसे अलग दर्ज है, लेकिन दोनों की समयरेखा के कारण इन्हें अक्सर एक साथ चर्चा में लाया जाता है।
आज के फैसले का महत्व
बुधवार को आने वाला बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश कई दृष्टियों से निर्णायक होगा। यदि कोर्ट एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देता है, तो यह पाँच वर्षों से अधिक समय बाद इस मामले में पहली औपचारिक आपराधिक जांच की शुरुआत होगी। यदि याचिका खारिज होती है, तो सतीश सालियान के पास उच्चतर न्यायालय का रास्ता खुला रहेगा। न्यायिक विशेषज्ञों के अनुसार, कोर्ट का यह फैसला यह भी तय करेगा कि क्या मुंबई पुलिस की प्रारंभिक जांच पर्याप्त मानी जाएगी या नहीं।
आगे क्या होगा
फैसले के बाद यदि एफआईआर का आदेश आता है, तो जांच एजेंसी के चयन और जांच की दिशा पर नई बहस शुरू हो सकती है। सतीश सालियान की माँग रही है कि जांच राज्य पुलिस के बजाय किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाए। सबकी नज़र अब बुधवार सुबह 11 बजे होने वाले उस आदेश पर टिकी है जो इस मामले की दिशा तय करेगा।