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क्या बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने हाईकोर्ट में एसआईटी जांच की मांग की?

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क्या बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने हाईकोर्ट में एसआईटी जांच की मांग की?

सारांश

बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एसआईटी जांच की मांग की है, जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह मामला न्याय की नई दिशा में जाएगा?

मुख्य बातें

बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिका में एसआईटी जांच की मांग की गई है।
पुलिस की जांच पर प्रश्न उठाए गए हैं।
दोनों पक्षों के लिए न्याय की आवश्यकता है।
इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है।

मुंबई, 7 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी के हत्याकांड में उनकी पत्नी शहजीन सिद्दीकी ने न्याय की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शहजीन ने अपने वकील त्रिवेंद्र कुमार करनानी के माध्यम से एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई 11 नवंबर को होने की संभावना है।

बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा (पूर्व) में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब लगभग एक साल बाद उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि पुलिस जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है और असली दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

याचिका में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि पुलिस ने जानबूझकर जांच को गलत दिशा में मोड़ दिया और केवल सतही कार्रवाई की।

शहजीन सिद्दीकी का दावा है कि उनके पति की हत्या के पीछे बिल्डर लॉबी और एक राजनीतिक नेता की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि सिद्दीकी हमेशा झुग्गीवासियों और कमजोर तबके के पक्ष में आवाज उठाते थे, जिसके कारण कई डेवलपर्स और बिल्डरों को वे अपने रास्ते की बाधा लगते थे। इसके बावजूद पुलिस ने इस पहलू पर कभी गहराई से जांच नहीं की।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के राज्य की मौजूदा सरकार से संबंध हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी या एसआईटी की निगरानी जरूरी है। शहजीन ने यह भी कहा है कि पुलिस ने बिना ठोस सबूत के हत्या की साजिश को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से जोड़ने की कोशिश की, ताकि असली साजिशकर्ताओं से ध्यान हटाया जा सके।

याचिका में आगे कहा गया है कि जुलाई 2024 में बाबा सिद्दीकी को पृथ्वीजीत चव्हाण नाम के व्यक्ति से धमकी भरा संदेश मिला था, जिसके बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की थी। उसी दौरान उनके बेटे जीशान सिद्दीकी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर पिता को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का अनुरोध किया था। इसके अलावा, अगस्त 2024 में मोहित कंबोज के सहयोगी अशोक मुंद्रा द्वारा बाबा सिद्दीकी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी का भी उल्लेख याचिका में किया गया है।

आपको बताते चलें, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में 26 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। इन सभी पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया है और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि हर हत्या के मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता आवश्यक है। शहजीन सिद्दीकी की याचिका से यह बात एक बार फिर साबित होती है कि न्याय की व्यवस्था को हमेशा मजबूत बनाए रखना चाहिए।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड कब हुआ?
बाबा सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर 2024 को हुई थी।
याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिका में विशेष जांच दल (एसआईटी) से मामले की जांच कराने की मांग की गई है।
इस मामले में कितने लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है?
इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है।
बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने किससे मदद मांगी है?
बाबा सिद्दीकी की पत्नी ने अपने वकील त्रिवेंद्र कुमार करनानी के माध्यम से मदद मांगी है।
राष्ट्र प्रेस
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