दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: रोहिणी आश्रम की जांच हो, लापता महिला का पता लगाए पुलिस
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को विजय विहार पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) को निर्देश दिया कि वे रोहिणी स्थित एक आश्रम से लापता हुई एक महिला का मामला दर्ज करें और उसके ठिकाने का पता लगाएं। साथ ही, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस अध्यात्मिक विद्यालय आश्रम के कामकाज और प्रबंधन की विस्तृत जांच होनी चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला उस महिला के माता-पिता की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिन्होंने अपनी बेटी को रोहिणी के अध्यात्मिक विद्यालय आश्रम से जुड़े लोगों की कथित कस्टडी से छुड़ाने की मांग की थी। माता-पिता ने न्यायालय को बताया कि उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है और अधिक उम्र के कारण उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। गौरतलब है कि यह मामला उस आश्रम से जुड़ा है जिसके संस्थापक और आध्यात्मिक प्रमुख पर पहले से आपराधिक मुकदमा चल रहा था।
न्याय मित्र की अहम जानकारी
सुनवाई के दौरान न्याय मित्र (एमिकस क्यूरी) आकांक्षा कौल ने बेंच को बताया कि उन्होंने कोर्ट परिसर में मौजूद दो महिलाओं से बात की, जो खुद को उस आध्यात्मिक संस्था की अनुयायी बताती हैं। उनके अनुसार, लापता महिला इस समय रोहिणी आश्रम में नहीं है, हालांकि उसका सामान वहीं रखा हुआ है।
कोर्ट में मौजूद दो महिलाओं ने अपने बयान दर्ज कराए। प्रगति ने बताया कि वह दिल्ली के नांगलोई स्थित एक आश्रम में रहती हैं और सुनवाई के दिन रोहिणी आश्रम आई थीं। दूसरी महिला श्याम लता ने बताया कि वह किसी आश्रम में नहीं रहतीं, लेकिन उसी आध्यात्मिक समूह से जुड़ी हैं।
आश्रम की स्थिति पर सवाल
न्यायालय ने अपने आदेश में दर्ज किया कि आश्रम के संस्थापक और आध्यात्मिक प्रमुख पर आपराधिक मुकदमा चल रहा था, वे मुकदमे के दौरान फरार हो गए थे और अब उनके निधन की खबर है। यह जानकारी सीबीआई की ओर से पेश विशेष सरकारी अभियोजक ने दी।
बेंच ने यह भी नोट किया कि एक संबंधित रिट याचिका में कुछ रिपोर्टें उपलब्ध होने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में आश्रम का संचालन और प्रबंधन कौन कर रहा है, इस आश्रम और इससे जुड़े अन्य आश्रमों को फंड कहाँ से मिलता है, और इन संस्थानों का प्रबंधन किस प्रकार हो रहा है।
कोर्ट के निर्देश
मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, 'इन हालात को देखते हुए, हमारी राय है कि आश्रम के कामकाज और जिस तरह से इसे चलाया जा रहा है, उसकी जांच-पड़ताल होनी चाहिए।'
विजय विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ को निर्देश दिया गया कि वे लापता व्यक्ति का मामला दर्ज करें, जांच करें और अगली सुनवाई पर रिपोर्ट लेकर खुद बेंच के सामने उपस्थित रहें। दिल्ली सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल समीर वशिष्ठ को निर्देश दिया गया कि वे संबंधित एसएचओ को इस आदेश से अवगत कराएं और जांच में हर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करें।
आगे की सुनवाई
इस मामले को एक संबंधित रिट याचिका के साथ 31 अगस्त को सूचीबद्ध करने और 'हाई ऑन बोर्ड' रखने का आदेश दिया गया है। रिकॉर्ड की जांच के बाद रिट याचिका में मौजूद जरूरी जानकारी पुलिस अधिकारी को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। अब सभी की निगाहें 31 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं, जब पुलिस को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।