झारखंड हाईकोर्ट ने लापता छात्रा के नरकंकाल की डीएनए जांच का आदेश दिया
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड हाईकोर्ट ने लापता छात्रा के मामले में सख्त रुख अपनाया।
- डीएनए टेस्ट कोलकाता स्थित प्रयोगशाला में होगा।
- कोर्ट ने पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई।
- कंकाल का पोस्टमार्टम रांची में किया जाएगा।
- जांच की प्रगति रिपोर्ट दो सप्ताह में प्रस्तुत करने का आदेश।
रांची, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के बोकारो जिले में 18 वर्षीय छात्रा पुष्पा कुमारी महतो के नौ महीने से लापता होने से संबंधित मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने जांच प्रक्रिया के प्रति अत्यंत कठोर रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य पुलिस द्वारा प्राप्त पुष्पा के कथित नरकंकाल का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया है।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने गुरुवार को इस संबंध में याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि बरामद नरकंकाल का डीएनए परीक्षण कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में कराया जाए। इसके अलावा, कोर्ट ने जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कंकाल का पोस्टमार्टम रांची के रिम्स में कराने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान राज्य के डीजीपी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और नई गठित एसआईटी के सदस्य व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने मामले की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि अगले 48 घंटे के भीतर मृतका के माता-पिता और बरामद कंकाल के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए कोलकाता भेजे जाएं। राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
सुनवाई के दौरान डीजीपी ने अदालत को आश्वस्त किया कि पूरे मामले का निष्कर्ष जल्द से जल्द निकाला जाएगा। वहीं, सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित थाना के 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
इस पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उच्च अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ज्ञात रहे कि अगस्त 2025 में दर्ज अपहरण के इस मामले में पुलिस महीनों तक निष्क्रिय रही थी। मृतका की मां रेखा देवी द्वारा हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने के बाद ही पुलिस तंत्र सक्रिय हुआ था।
पुलिस ने आरोपी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर एक कंकाल बरामद किया था। प्रार्थी पक्ष के वकील विंसेट रोहित मार्की ने आशंका व्यक्त की है कि बरामद कंकाल पुष्पा कुमारी महतो का नहीं है। अब डीएनए रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद अवशेष लापता युवती के हैं या नहीं।