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19 अप्रैल का पंचांग: बैशाख शुक्ल द्वितीया तिथि का महत्व और शुभ मुहूर्त

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19 अप्रैल का पंचांग: बैशाख शुक्ल द्वितीया तिथि का महत्व और शुभ मुहूर्त

सारांश

जानें 19 अप्रैल का पंचांग, महत्वपूर्ण द्वितीया तिथि और शुभ-अशुभ समय। अपने कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय का चयन करें।

मुख्य बातें

19 अप्रैल को बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है।
त्रिपुष्कर योग शुभ कार्यों के लिए लाभकारी है।
अभिजित मुहूर्त महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम है।
राहुकाल के दौरान शुभ कार्य न करें।
द्वितीया तिथि का महत्व पूरे दिन रहेगा।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष स्थान है। इसके विभिन्न तत्व जैसे योग, करण, तिथि, वार और नक्षत्र के आधार पर दिन का शुभ और अशुभ समय निर्धारित किया जाता है। 19 अप्रैल का पंचांग देखने पर यह ज्ञात होता है कि यह बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है।

19 अप्रैल को सुबह 7 बजे 10 मिनट से 10 बजे 49 मिनट तक त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही, अभिजित मुहूर्त भी उपलब्ध रहेगा, जो महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम समय है। सूर्योदय 5 बजकर 52 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होगा।

द्वितीया तिथि सुबह 10 बजे 49 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा। यद्यपि, उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन द्वितीया का मान रहेगा। नक्षत्र भरणी सुबह 7 बजे 10 मिनट तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र का आगमन होगा, जो 20 अप्रैल की सुबह 4 बजे 35 मिनट तक चलेगा। योग आयुष्मान शाम 8 बजे 2 मिनट तक रहेगा। करण कौलव करण सुबह 10 बजे 49 मिनट तक और तैतिल करण शाम 9 बजे 7 मिनट तक रहेगा।

शुभ मुहूर्तों की चर्चा करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजे 23 मिनट से 5 बजे 8 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजे 55 मिनट से 12 बजे 46 मिनट तक उपलब्ध रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजे 30 मिनट से 3 बजे 22 मिनट तक होगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजे 48 मिनट से 7 बजे 10 मिनट तक रहेगा। वहीं, निशीथ मुहूर्त रात 11 बजे 58 मिनट से लेकर 12 बजे 42 मिनट (20 अप्रैल) तक रहेगा।

अशुभ समय की जानकारी दें तो राहुकाल शाम 5 बजे 12 मिनट से 6 बजे 49 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें। यमगंड दोपहर 12 बजे 20 मिनट से 1 बजे 58 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3 बजे 35 मिनट से 5 बजे 12 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजे 5 मिनट से 5 बजे 57 मिनट तक रहेगा। आडल योग सुबह 5 बजे 52 मिनट से 7 बजे 10 मिनट तक रहेगा। विडाल योग सुबह 7 बजे 10 मिनट से 20 अप्रैल की सुबह 4 बजे 35 मिनट तक चलेगा। वर्ज्य समय शाम 5 बजे 52 मिनट से 7 बजे 18 मिनट तक रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें द्वितीया तिथि और अभिजित मुहूर्त का उल्लेख है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 अप्रैल को कौन सी तिथि है?
19 अप्रैल को बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है।
त्रिपुष्कर योग कब बनता है?
19 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 49 मिनट तक त्रिपुष्कर योग बन रहा है।
अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?
अभिजित मुहूर्त 19 अप्रैल को दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
द्वितीया तिथि कब समाप्त होगी?
द्वितीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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