3 अप्रैल का पंचांग: कृष्ण प्रतिपदा पर महत्वपूर्ण अभिजीत और विजय मुहूर्त, ध्यान दें शुभ-अशुभ समय
सारांश
Key Takeaways
- कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 3 अप्रैल को है।
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक रहेगा।
- अशुभ समय में यात्रा से बचें।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में पंचांग के पांच प्रमुख अंगों में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का बहुत महत्व है। इनका उपयोग करके ही दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 3 अप्रैल को शुक्रवार से वैशाख मास का आरंभ होगा। इस दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।
शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण योग और मुहूर्त बन रहे हैं। साथ ही अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक है। 3 अप्रैल को सूर्य का उदय सुबह 6:09 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 8:04 बजे होगा।
अमृत काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना फलदायी रहेगा। वहीं, राहुकाल में यात्रा या नया कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन शुक्र ग्रह की शांति के लिए पूजा-पाठ और सफेद वस्त्रों का दान करने की परंपरा है।
कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 8:42 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया लग जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार, दिनभर प्रतिपदा का महत्व बना रहेगा। नक्षत्र चित्रा शुक्रवार की शाम 7:25 बजे तक रहेगा, उसके बाद स्वाती लग जाएगा। योग व्याघात दोपहर 2:09 बजे तक और करण कौलव सुबह 8:42 बजे तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:37 से 5:23 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:20 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:39 से 7:02 बजे तक और अमृत काल दोपहर 12:32 से 2:15 बजे तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:51 से 12:25 बजे तक, यमगंड दोपहर 3:32 से 5:06 बजे तक, गुलिक काल सुबह 7:43 से 9:17 बजे तक और दुर्मुहूर्त सुबह 8:39 से 9:29 बजे तक रहेगा।