7 अप्रैल का पंचांग: बैशाख कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि, जानें शुभ और अशुभ समय
सारांश
Key Takeaways
- 7 अप्रैल को बैशाख की पंचमी तिथि है।
- शुभ मुहूर्त में कार्य करना फलदायी हो सकता है।
- अशुभ समय से बचना चाहिए।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में पंचांग के पाँच अंगों - तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का विशेष महत्व होता है। इन्हीं के आधार पर दिन की शुरुआत और शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 7 अप्रैल, मंगलवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है।
पंचमी तिथि मंगलवार की दोपहर 4:34 बजे तक चलेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि का प्रारंभ होगा। वहीं, उदयातिथि (सूर्योदय के समय जो तिथि हो) के अनुसार, पूरे दिन पंचमी तिथि का मान रहेगा।
दृक पंचांग के अनुसार, मंगलवार को ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 5:54 बजे तक रहेगा, उसके बाद मूल नक्षत्र लगेगा। योग व्यतीपात दोपहर 4:17 बजे तक रहेगा। सूर्योदय 6:05 बजे पर होगा, जबकि सूर्यास्त 6:42 बजे होगा। चंद्रोदय रात 11:50 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 8:56 बजे होगा।
ज्योतिष के अनुसार, पंचांग में दिए गए शुभ-अशुभ समय को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कार्य जैसे पूजा-पाठ, नया काम शुरू करना या यात्रा की योजना बनानी चाहिए। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य फलदायी होते हैं, जबकि अशुभ समय में किए गए कार्य निष्फल माने जाते हैं।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:34 बजे से 5:19 बजे तक रहेगा, अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:58 बजे से 12:49 बजे तक रहेगा। मंगलवार को विजय मुहूर्त का भी संयोग है, जो दोपहर 2:30 बजे से 3:20 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:41 बजे से 7:04 बजे तक और अमृत काल शाम 8:01 बजे से 9:49 बजे तक रहेगा।
7 अप्रैल के अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3:33 बजे से 5:08 बजे तक रहेगा। यमगण्ड सुबह 9:14 बजे से 10:49 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:23 बजे से 1:58 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, दुर्मुहूर्त सुबह 8:36 बजे से 9:27 बजे तक और वर्ज्य समय सुबह 9:14 बजे से 11:02 बजे तक रहेगा।