अकाली दल ने पंजाब में फसलों के नुकसान के लिए किसानों की सहायता का लिया संकल्प
सारांश
Key Takeaways
- अकाली दल ने किसानों की मदद के लिए योजना बनाई है।
- किसानों को बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ है।
- पार्टी ने 12,500 गांवों में विकास कार्य करने का वादा किया है।
- मुख्यमंत्री के वादों पर सवाल उठाए गए हैं।
- सिंचाई परियोजनाओं पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
चंडीगढ़, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब में बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान की स्थिति में अकाली दल किसानों की सहायता करेगा।
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मंगलवार को यह घोषणा की कि पार्टी उन किसानों की मदद के लिए एक योजना तैयार कर रही है, जिनकी 1.25 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने संकट में पड़े किसानों की पूरी तरह अनदेखी की है।
बुढलाडा शहर में पार्टी के 'पंजाब बचाओ' अभियान के तहत एक रैली में बोलते हुए बादल ने कहा, "हम प्रभावित किसानों को गेहूं के साथ-साथ हरा और सूखा चारा भी उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि इस योजना की रूपरेखा बुधवार को चंडीगढ़ में पार्टी के जिला अध्यक्षों और हल्का प्रभारियों की बैठक में तय की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को छोड़ दिया है। पिछले साल बाढ़ में धान की फसल बर्बाद होने का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है।
बादल ने कहा कि अब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से 1.25 लाख एकड़ में गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है, फिर भी उन्हें कोई तत्काल मुआवजा नहीं दिया गया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसका वादा किया था।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल गुजरात में झूठ बोल रहे हैं कि 'आप' सरकार ने पिछले साल बाढ़ के एक महीने के भीतर ही पंजाब के किसानों को 50,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया था। बादल ने कहा कि 'आप' और मुख्यमंत्री मान की झूठ की कोई सीमा नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही यह स्पष्ट है कि पंजाब में बेअदबी की घटनाएं 2014 में 'आप' के राज्य में आने के बाद शुरू हुईं, लेकिन मुख्यमंत्री ने आज दावा किया कि इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। यदि ऐसा है, तो वह मेरे खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराते?
बादल ने यह भी बताया कि कैसे 'आप' और कांग्रेस ने राज्य में एसएडी के प्रभाव को रोकने की कोशिश में एकजुट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग भी मुख्यमंत्री की भाषा बोल रहे हैं।
एसएडी अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि मानसा में एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय और एक एम्स के स्तर का अस्पताल खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी लिंक सड़कों को पुनर्निर्मित किया जाएगा और सभी 'धानियों' को जोड़ने के लिए नई सड़कें बनाई जाएंगी।
बादल ने यह भी कहा कि राज्य के सभी 12,500 गांवों में गलियों और नालियों को कंक्रीट से बनाया जाएगा, और हर परिवार के पास एक 'पक्का' घर होगा।
इस अवसर पर बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बताया कि कैसे पिछली एसएडी सरकार ने अकेले बुढलाडा में सिंचाई परियोजनाओं पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि 'आप' सरकार किसानों को मुआवजा देने में बार-बार नाकाम रही है, चाहे वह बाढ़ हो, बॉलवर्म का हमला हो या ओलावृष्टि।