उमर अब्दुल्ला का बयान: ट्रंप को खुद नहीं पता उनकी योजनाएं

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उमर अब्दुल्ला का बयान: ट्रंप को खुद नहीं पता उनकी योजनाएं

सारांश

उमर अब्दुल्ला ने डोनाल्ड ट्रंप पर संदेह जताते हुए कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि वे क्या करने वाले हैं। उनकी सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भी चिंता व्यक्त की गई है।

Key Takeaways

  • डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
  • सोशल मीडिया पर उनकी भाषा अनुचित है।
  • पश्चिम एशिया का संघर्ष ईरान पर थोप दिया गया है।
  • संघर्ष-विराम टिकाऊ होना चाहिए।
  • पाकिस्तान ने मध्यस्थता की है।

श्रीनगर, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि शायद उन्हें खुद भी नहीं पता कि वे क्या करने वाले हैं।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप शायद खुद भी समझ नहीं पाते कि वे क्या कर रहे हैं। वह सुबह कुछ और, दोपहर में कुछ और और शाम को कुछ और कहते हैं।"

मुख्यमंत्री ने फिर से यह बात दोहराई कि ट्रंप पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने ट्रंप के द्वारा सोशल मीडिया पर प्रयोग की जाने वाली अभद्र भाषा पर भी चिंता व्यक्त की, जो कि किसी भी राष्ट्रपति के लिए उचित नहीं है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, "बोलने से पहले उन्हें यह याद रखना चाहिए कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति हैं। यदि हम सोशल मीडिया पर ऐसी भाषा का उपयोग करें, तो हमें ब्लॉक कर दिया जाएगा या हटा दिया जाएगा। वे इसलिए सहन किए जा रहे हैं क्योंकि वे अमेरिका के राष्ट्रपति हैं।"

उन्होंने कहा कि ट्रंप को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पश्चिम एशिया में युद्ध क्यों शुरू हुआ, क्योंकि ईरान ने यह संघर्ष शुरू नहीं किया था। यह संघर्ष उन पर थोप दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें बताया जा रहा है कि अमेरिका सफल हुआ है क्योंकि होर्मुज की जलडमरूमध्य खुल गई है। लेकिन, यह युद्ध से पहले भी खुला था। इस युद्ध ने ईरान को यह कहने का एक मौका दे दिया है कि वे होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि अब युद्धविराम की घोषणा हो चुकी है, तो अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह टिकाऊ हो। उन्हें इजरायल पर नियंत्रण रखना चाहिए, जो लगातार लेबनान पर बमबारी कर रहा है। लोग मारे जा रहे हैं।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मैं इसे सफलता या विफलता नहीं कहूंगा। लेकिन, यह सच है कि पाकिस्तान ने वह किया जो हम नहीं कर सके। मेरी निजी राय है कि इजरायल के साथ हमारे करीबी संबंधों ने हमें इस भूमिका में आने से रोका। वरना, अमेरिका और ईरान दोनों के साथ हमारे अच्छे संबंध थे।"

उन्होंने कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संघर्ष-विराम हो चुका है। भले ही पाकिस्तान ने इस संघर्ष-विराम में मध्यस्थता की हो, लेकिन इसका मूल तथ्य या नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ता।

Point of View

विशेषकर जब वे अपनी बातों में असंगतता दिखाते हैं।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

उमर अब्दुल्ला ने ट्रंप पर क्या टिप्पणी की?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ट्रंप पर भरोसा नहीं किया जा सकता और शायद उन्हें खुद नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं।
क्या ट्रंप की सोशल मीडिया भाषा पर आलोचना हुई है?
हाँ, उमर अब्दुल्ला ने ट्रंप की सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा की आलोचना की है।
पश्चिम एशिया में युद्ध का कारण क्या है?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईरान ने यह युद्ध नहीं शुरू किया बल्कि यह संघर्ष उन पर थोप दिया गया था।
उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष-विराम पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि संघर्ष-विराम की घोषणा हो चुकी है और यह महत्वपूर्ण है कि यह टिकाऊ रहे।
क्या पाकिस्तान ने इस मामले में कोई भूमिका निभाई है?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान ने वह किया जो हम नहीं कर सके, और यह महत्वपूर्ण है कि संघर्ष-विराम हो चुका है।
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