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8 अप्रैल का पंचांग: बैशाख मास की षष्ठी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

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8 अप्रैल का पंचांग: बैशाख मास की षष्ठी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

सारांश

8 अप्रैल का पंचांग महत्वपूर्ण है। बैशाख मास की षष्ठी तिथि पर शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी प्राप्त करें।

मुख्य बातें

8 अप्रैल को बैशाख मास की षष्ठी तिथि है।
राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्य न करें।
अमृत काल का लाभ उठाएं।
ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-पाठ करें।
गण्ड मूल की जानकारी रखें।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म के अनुसार, पंचांग ही हर दिन की शुरुआत, शुभ-अशुभ समय और नए कार्यों की शुरुआत के साथ-साथ पूजा-पाठ के लिए सही मुहूर्त का निर्धारण करता है। 8 अप्रैल, बुधवार का पंचांग देखने पर पता चलता है कि यह दिन बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है।

इस दिन षष्ठी तिथि शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। लेकिन उदयातिथि के अनुसार, सूर्योदय के समय जो तिथि होगी, वही पूरे दिन मान्य होगी। इस हिसाब से बुधवार को पूरे दिन षष्ठी तिथि ही रहेगी।

दृक पंचांग के अनुसार, इस दिन मूल नक्षत्र पूरी रात रहेगा और योग वरीयान शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। करण वणिज शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 43 मिनट पर होगा। चन्द्रोदय रात 12 बजकर 41 मिनट पर (9 अप्रैल) होगा और चन्द्रास्त सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर होगा।

बुधवार को गण्ड मूल पूरे दिन रहने के कारण शुभ कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए। राहुकाल के समय महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ न करें। अमृत काल और विजय मुहूर्त का लाभ उठाकर पूजा-पाठ, नए कार्य या यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 18 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 42 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। वहीं, अमृत काल रात 1 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट (9 अप्रैल) तक रहेगा। निशिता मुहूर्त भी रात 12 बजे से 12 बजकर 45 मिनट (9 अप्रैल) तक रहेगा।

अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी है। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक, यमगण्ड सुबह 7 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 13 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 10 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य समय दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। गण्ड मूल पूरे दिन रहेगा और भद्रा शाम 7 बजकर 1 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अप्रैल को कौन सी तिथि है?
8 अप्रैल को बैशाख मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है।
गण्ड मूल का क्या महत्व है?
गण्ड मूल पूरे दिन रहने के कारण शुभ कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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