मध्य पूर्व संघर्ष में वृद्धि की चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार नकारात्मक रुख में खुला, सेंसेक्स में 300 अंक की गिरावट

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मध्य पूर्व संघर्ष में वृद्धि की चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार नकारात्मक रुख में खुला, सेंसेक्स में 300 अंक की गिरावट

सारांश

मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान टकराव की चिंताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार ने नकारात्मक शुरुआत की। सेंसेक्स में भारी गिरावट के साथ निवेशकों की चिंता बढ़ी है। जानें और क्या हो रहा है बाजार में।

Key Takeaways

  • सेंसेक्स में 372.49 अंक की गिरावट हुई है।
  • निफ्टी 50 129.55 अंक गिरा है।
  • अमेरिका-ईरान संघर्ष की चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क किया है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जारी है।
  • बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 23,465 पर है।

मुंबई, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-ईरान संघर्ष में वृद्धि की चिंताओं के कारण, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इससे पहले सोमवार को भी बाजार ने नकारात्मक रुख अपनाया था।

इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 372.49 अंक या 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,734.36 पर खुला। निफ्टी 50 129.55 अंक या 0.56 प्रतिशत की कमी के साथ 22,838.70 पर प्रारंभ हुआ। इसी तरह, बैंक निफ्टी भी 350.40 अंक या 0.67 प्रतिशत गिरकर 52,258.70 पर खुला।

जब तक खबर लिखी गई (सुबह 9:28 बजे के आसपास), सेंसेक्स में 0.43 प्रतिशत यानी 315.64 अंक की कमी आई, जिससे यह 73,791.21 पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी ओर, निफ्टी 50 में 0.38 प्रतिशत या 87.40 अंक की गिरावट आई, जो इसे 22,880.85 पर ले आया।

बाजार के व्यापक परिदृश्य में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

सेक्टर-वार प्रदर्शन में, निफ्टी आईटी में 0.93 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी ऑटो में 1.33 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.61 प्रतिशत की कमी आई।

निफ्टी 50 में हिंदाल्को, विप्रो, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, ओएनजीसी, आईटीसी और टीसीएस के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत, मैक्स हेल्थ, इंडिगो, एमएंडएम, इटरनल, आयशर मोटर, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर सबसे अधिक गिरावट के साथ व्यापार करते नजर आए।

बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार इस समय काफी सतर्क हैं, क्योंकि एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक समयसीमा नजदीक है। निवेशकों की नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए अल्टीमेटम पर केंद्रित है, जिसकी समयसीमा भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 6:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार रात 8:00 बजे) है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है, और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि ट्रंप ने अपने अल्टीमेटम को दोहराते हुए ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की चेतावनी दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई गुजरती है, 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण बाधित है। इस संघर्ष के चलते इस साल अब तक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।

इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका समर्थित 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसे पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देशों ने समर्थन दिया था। ईरान का कहना है कि वह स्थायी शांति, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई चाहता है।

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी दृष्टि से निफ्टी के लिए निकट अवधि का रेजिस्टेंस 23,465 पर है, जबकि सपोर्ट लेवल 22,800 और 22,540 पर देखा जा रहा है।

Point of View

यह एक महत्वपूर्ण समय है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान संघर्ष की चिंताएं हैं, जिसने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
सेंसेक्स में कितनी गिरावट आई है?
सेंसेक्स में 372.49 अंक या 0.50 प्रतिशत की गिरावट आई है।
क्या निफ्टी 50 में भी गिरावट आई है?
हाँ, निफ्टी 50 में 129.55 अंक या 0.56 प्रतिशत की गिरावट आई है।
क्या कच्चे तेल की कीमतों पर इसका असर पड़ेगा?
जी हाँ, संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है।
क्या आने वाले दिनों में बाजार में सुधार की संभावना है?
यह वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।
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