गाजियाबाद में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक आरोपी घायल और गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- गाजियाबाद पुलिस ने एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया।
- मुठभेड़ में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद हुए।
- पुलिस की तत्परता से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई।
- पूछताछ के बाद और खुलासे की संभावना है।
- अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है।
गाजियाबाद, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने स्वाट टीम, अपराध शाखा और मोदीनगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक वांछित और इनामी अपराधी को मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। उसके एक और साथी को भी तलाशी के दौरान पकड़ लिया गया। पुलिस ने घटना स्थल से अवैध हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह स्वाट टीम को एक मुखबिर से सूचना मिली कि थाना मोदीनगर और थाना निवाड़ी में दर्ज मामलों में वांछित 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी अपने साथी के साथ आल्टो कार से मोदीनगर से अपने गांव दौसा बंजारपुर की ओर जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने गदाना गांव के पास चेकिंग अभियान शुरू किया।
इसी दौरान, एक संदिग्ध आल्टो कार बिना नंबर प्लेट के आती दिखाई दी। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो कार सवार बदमाश चकरोड की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और आरोपी कार से उतरकर पुलिस पर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
घायल आरोपी की पहचान जलवीर उर्फ जल्लू (50) निवासी दौसा बंजारपुर, थाना भोजपुर, गाजियाबाद के रूप में हुई है। वह कई गंभीर मामलों में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ में उसने हाल ही में हिस्ट्रीशीटर राहुल कालू पर फायरिंग की घटना में भी संलिप्त होने की बात कबूल की है।
पुलिस ने उसके साथी जतिन शर्मा (35) निवासी कड़कड़डूमा, दिल्ली को भी गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। जलवीर पर हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं, जिनमें कुछ दिल्ली की अदालतों में विचाराधीन हैं। मौके से पुलिस ने एक अवैध देशी पिस्टल (.32 बोर), पांच कारतूस, एक कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही कई मामलों के खुलासे हो सकते हैं। इसके लिए एक टीम का गठन किया जा रहा है जो आरोपी के बयान के आधार पर कार्रवाई करेगी। अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।