नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह ने मंत्रिमंडल में दो नए मंत्रियों की नियुक्ति की
सारांश
Key Takeaways
- बालेंद्र शाह ने दो नए मंत्रियों की नियुक्ति की है।
- नए श्रम मंत्री रामजी यादव हैं।
- गौरी कुमारी यादव को उद्योग मंत्री बनाया गया है।
- मंत्रिमंडल में कुल 16 मंत्री हैं।
- सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों की जांच शुरू की है।
काठमांडू, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल में दो नए मंत्रियों की नियुक्ति की है, जिससे पहले से खाली पड़े मंत्रालयों को भरा गया है।
प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, सांसद रामजी यादव को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। यह मंत्रालय पहले पूर्व मंत्री दीपक कुमार शाह के हटने के बाद से खाली था। दीपक कुमार शाह पर अपनी पत्नी को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में सदस्य बनाने को लेकर विवाद था।
इसी तरह, सांसद गौरी कुमारी यादव को उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री बनाया गया है। यह मंत्रालय पहले खुद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के पास था।
नए श्रम मंत्री रामजी यादव सप्तरी-2 निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। वहीं उद्योग मंत्री गौरी कुमारी यादव महोत्तरी-4 निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई थीं।
पूर्व में, ये दोनों मंत्रालय सीधे प्रधानमंत्री शाह के अधीन थे। नए मंत्रियों ने अभी तक राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल से पद की शपथ नहीं ली है।
इन नियुक्तियों के बाद, प्रधानमंत्री शाह के नेतृत्व में अब कुल 16 मंत्री हो गए हैं, जो पूर्व की सरकारों की तुलना में एक छोटा मंत्रिमंडल माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री शाह ने यह सरकार 27 मार्च को बनाई थी, जब आरएसपी संसद में लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
यह नई राजनीतिक पार्टी 2022 में स्थापित हुई थी। बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाया गया, जिससे यह माना जा रहा है कि मतदाताओं का झुकाव आरएसपी की तरफ बढ़ा है।
नई सरकार बनने के बाद से, शाह के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य सुशासन को बढ़ावा देना है। सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों केपी शर्मा ओली, शेर बहादुर देउबा और पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ-साथ उन बड़े कारोबारियों की जांच शुरू की है जो इन नेताओं के करीबी माने जाते हैं।
इस कदम को कई लोगों ने अच्छे शासन की दिशा में एक सख्त और सराहनीय पहल बताया है।