इंडियन ऑयल का महत्वपूर्ण कदम: 10,600 निरीक्षणों के बाद कई एजेंसियों को जारी किए नोटिस
सारांश
Key Takeaways
- 10,600 निरीक्षण किए गए हैं।
- कई एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं।
- 1.2 लाख से अधिक छापेमारी की गई हैं।
- घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
- उपभोक्ताओं को आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एलपीजी की निष्पक्ष आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। कंपनी ने बताया है कि अब तक 10,600 से अधिक निरीक्षण किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों तथा एजेंसियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। इनमें कारण बताओ नोटिस जारी करना और सस्पेंशन जैसी कार्रवाई शामिल है।
कंपनी ने यह भी जोड़ते हुए बताया कि राज्य सरकारों के सहयोग से देशभर में 1.2 लाख से अधिक छापेमारी की गई है और 990 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं, ताकि एलपीजी का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित किया जा सके। इंडियन ऑयल ने कहा कि इंडेन गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, जिससे सभी सही उपभोक्ताओं तक गैस पहुंच सके।
इंडियन ऑयल ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनी का ध्यान पारदर्शिता, दक्षता और बिना रुकावट वितरण सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इसके साथ ही, कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन को रोकने के लिए सख्त निगरानी और प्रवर्तन उपाय लागू किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, 10 अप्रैल को देशभर में 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। इसी दिन लगभग 1 लाख 5-किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर भी बेचे गए, जबकि फरवरी 2026 में इनकी औसत दैनिक बिक्री करीब 77,000 थी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि 23 मार्च 2026 से अब तक 12 लाख से अधिक 5-किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर छात्रों और प्रवासी मजदूरों जैसे कमजोर वर्गों को उपलब्ध कराए गए हैं। इन सिलेंडरों को राज्य सरकारों के पास रखा जाएगा ताकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) की मदद से इन्हें खास तौर पर प्रवासी मजदूरों तक पहुंचाया जा सके।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पिछले 8 दिनों में करीब 2,900 जागरूकता शिविर लगाए, जिनमें 29,000 से अधिक 5-किलोग्राम वाले सिलेंडर बेचे गए।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के लिए घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से गैस बुक करने और डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, पीएनजी, बिजली या इंडक्शन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग और ऊर्जा बचत पर भी जोर दिया गया है।