मानसून से पहले 40 साल की अनदेखी का अंत: डिसिल्टिंग में तेजी

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मानसून से पहले 40 साल की अनदेखी का अंत: डिसिल्टिंग में तेजी

सारांश

दिल्ली सरकार ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई में तेजी लाई है। आईएफसीडी नालों का स्थलीय निरीक्षण कर मंत्री ने कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

Key Takeaways

  • दिल्ली सरकार ने जलभराव से निपटने के लिए नालों की सफाई शुरू की है।
  • दिल्ली गेट नाला 40 साल बाद खोला गया है।
  • बारापुला नाले में भी डिसिल्टिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।
  • 77 नालों में से लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
  • जलभराव से राहत के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मानसून से पहले जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में, दिल्ली के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण आईएफसीडी नालों, दिल्ली गेट नाला और बारापुला नाला का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की गति और गंभीरता स्पष्ट रूप से सामने आई।

एक महत्वपूर्ण प्रगति के तहत, दिल्ली गेट नाला, जो लगभग 40 वर्षों से स्लैब से ढका हुआ था, अब पूरी तरह से खोला जा रहा है और इसकी गहन सफाई की जा रही है। लंबे समय से ढके रहने के कारण यह नाला प्रभावी रूप से साफ नहीं हो पा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बार-बार जलभराव की समस्या उत्पन्न होती थी। चार दशकों में पहली बार, स्लैब हटाकर नाले तक पहुंच बनाई जा रही है, ताकि इसकी क्षमता बहाल हो सके।

मंत्री ने बताया कि दिल्ली गेट नाले में डिसिल्टिंग का कार्य 70 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, और अब तक 21,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है। मशीनों और श्रमिकों की तैनाती के साथ कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, बारापुला नाला, जो एक प्रमुख आईएफसीडी ड्रेनेज चैनल है, पर डिसिल्टिंग का कार्य लगभग 78 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जहां अब तक 31,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है। यह प्रगति दर्शाती है कि प्रमुख नालों को मानसून से पहले पूरी तरह तैयार करने के लिए समयबद्ध और केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं।

समग्र प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बताया कि चिन्हित 77 नालों में से लगभग 50 प्रतिशत डिसिल्टिंग कार्य पूरा हो चुका है और अब तक 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है। विभाग ने इस वर्ष 28 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य रखा है, जिसे तय समय सीमा में पूरा करने के लिए निरंतर कार्य जारी है।

निरीक्षण के दौरान, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, 'यह केवल नालों की सफाई नहीं है, बल्कि वर्षों की उपेक्षा को सुधारने का प्रयास है। दिल्ली गेट नाला, जो करीब 40 साल से ढका हुआ था, अब खोलकर सही तरीके से साफ किया जा रहा है। इससे जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमारा लक्ष्य स्पष्ट है: समय से पहले काम शुरू करना, तेजी से काम करना और तय समय सीमा में पूरा करना। बारापुला और दिल्ली गेट पर हो रही प्रगति यह दिखाती है कि काम केवल कागजों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर हो रहा है। इन दोनों नालों के सुदृढ़ होने से दरीयागंज, जामा मस्जिद, फिरोज शाह रोड, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन और ओखला जैसे क्षेत्रों को इस मानसून में जलभराव से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।'

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष आईएफसीडी नालों में डिसिल्टिंग कार्य की हर स्तर पर सख्त निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो और कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा हो सके। दिल्ली सरकार का यह अभियान राजधानी के ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सभी प्रमुख नालों पर तेजी से कार्य जारी है।

Point of View

जिससे नागरिकों को राहत मिलेगी।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली सरकार किस उद्देश्य से नालों की सफाई कर रही है?
दिल्ली सरकार मानसून से पहले जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए नालों की सफाई कर रही है।
कितने आईएफसीडी नालों में डिसिल्टिंग का कार्य किया जा रहा है?
इस समय 77 आईएफसीडी नालों में डिसिल्टिंग का कार्य किया जा रहा है।
दिल्ली गेट नाले की सफाई में कितनी प्रगति हुई है?
दिल्ली गेट नाले में डिसिल्टिंग का कार्य 70 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है।
बारापुला नाले की स्थिति क्या है?
बारापुला नाले में डिसिल्टिंग का कार्य लगभग 78 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
इस वर्ष कुल कितनी गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया है?
इस वर्ष 28 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया है।
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