दिल्ली की अदालत में आज सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची मामले की होगी सुनवाई

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दिल्ली की अदालत में आज सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची मामले की होगी सुनवाई

सारांश

दिल्ली की अदालत में आज सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में धोखाधड़ी के आरोपों पर सुनवाई होने जा रही है। क्या यह मामला राजनीतिक प्रेरित है या इसमें सच्चाई है? जानें सभी महत्वपूर्ण अपडेट्स।

Key Takeaways

  • सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में धोखाधड़ी के आरोप हैं।
  • अदालत में आज सुनवाई होगी।
  • याचिकाकर्ता ने दस्तावेजों को रिकॉर्ड में रखा है।
  • राजनीतिक प्रेरणा का आरोप लगाया गया है।
  • मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले मतदाता सूची में कथित रूप से धोखाधड़ी के जरिए नाम दर्ज कराने के संबंध में सोनिया गांधी के खिलाफ दायर की गई आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर दिल्ली की एक अदालत शनिवार को सुनवाई करने जा रही है।

याचिकाकर्ता अपनी दलीलें पूरी कर चुका है, लेकिन सोनिया गांधी की तरफ से प्रस्तुत दलीलें अभी तक निर्णायक नहीं बनी हैं।

इससे पहले, 30 मार्च को, राउज एवेन्यू कोर्ट ने आंशिक सुनवाई के बाद मामले को स्थगित कर दिया था और बचाव पक्ष को अपनी दलीलें जारी रखने की अनुमति देने के लिए इसे 18 अप्रैल के लिए निर्धारित किया गया था।

अधिवक्ता विकास त्रिपाठी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका में सोनिया गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिकता के बिना मतदाता सूची में अनियमित रूप से नाम जोड़ने के मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने अपनी दलीलें समाप्त करते हुए तर्क दिया कि यह मामला एक विदेशी नागरिक द्वारा दी गई घोषणा से संबंधित है और इसमें जाली दस्तावेजों या अनुचित साधनों का उपयोग किए बिना ऐसा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कर ली गई हैं और उन्हें रिकॉर्ड में रखा गया है ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि प्रथम दृष्टया, एक झूठी घोषणा की गई थी, जो दस्तावेजों की कथित जालसाजी और मनगढ़ंत कहानी की जांच को अनिवार्य बनाती है।

हालांकि, सोनिया गांधी की ओर से पेश की गई दलीलें निर्णायक नहीं रहीं और अगली सुनवाई की तारीख पर उन पर विचार किया जाएगा।

9 दिसंबर, 2025 को पारित एक आदेश में, राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विशाल गोगने ने पुनरीक्षण याचिका की जांच करने पर सहमति व्यक्त की और सोनिया गांधी के साथ-साथ दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

इससे पहले, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि न्यायालय ऐसी जांच शुरू नहीं कर सकता जो संवैधानिक अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सौंपे गए क्षेत्रों में अनुचित अतिक्रमण करती हो।

अदालत ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत इस तरह का हस्तक्षेप वर्जित है, जो चुनाव याचिकाओं के अलावा चुनावी मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप को सीमित करता है। पुनरीक्षण याचिका का विरोध करते हुए सोनिया गांधी ने अदालत को बताया है कि आरोप "राजनीतिक रूप से प्रेरित", निराधार और गलत एवं भ्रामक तथ्यों पर आधारित हैं।

अपने जवाब में सोनिया गांधी ने कहा कि नागरिकता से संबंधित प्रश्न पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि मतदाता सूचियों से संबंधित विवाद भारत के चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि जालसाजी या धोखाधड़ी के आरोपों को साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय दस्तावेज़ सबूत पेश नहीं किया गया है और उन्होंने कार्यवाही को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है।

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

सोनिया गांधी के खिलाफ यह मामला क्यों है?
यह मामला सोनिया गांधी के भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले मतदाता सूची में धोखाधड़ी से नाम दर्ज कराने के आरोपों से संबंधित है।
क्या अदालत ने पहले भी इस मामले में सुनवाई की है?
हाँ, राउज एवेन्यू कोर्ट ने पहले आंशिक सुनवाई की थी और इसे फिर से 18 अप्रैल के लिए निर्धारित किया था।
सोनिया गांधी ने अपनी दलील में क्या कहा?
सोनिया गांधी ने कहा है कि आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और इस मामले में कोई विश्वसनीय दस्तावेज़ सबूत नहीं है।
यह मामला कब तक चलेगा?
यह मामला अदालत में चलने के दौरान आगे की सुनवाई के अनुसार समय ले सकता है।
क्या अदालत ने पहले कोई आदेश दिया है?
जी हाँ, राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका की जांच करने के लिए नोटिस जारी किया है।
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