21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली: सोनिया गांधी के मतदाता सूची विवाद पर अदालत की सुनवाई, लिखित दलीलें जमा करने का निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली: सोनिया गांधी के मतदाता सूची विवाद पर अदालत की सुनवाई, लिखित दलीलें जमा करने का निर्देश

सारांश

नई दिल्ली में राऊज एवेन्यू अदालत ने सोनिया गांधी के मतदाता सूची विवाद मामले में सुनवाई की। अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह में लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया है। क्या सोनिया गांधी की नागरिकता से जुड़ा मामला धोखाधड़ी का है?

मुख्य बातें

सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का मामला चल रहा है।
अदालत ने लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता ने जांच की मांग की है।
अगली सुनवाई 16 मई को होगी।
यह मामला नागरिकता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राऊज एवेन्यू अदालत में शनिवार को सोनिया गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के मामले में संशोधन याचिका की सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता ने अपनी सभी दलीलें प्रस्तुत कर दी हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया है।

सोनिया गांधी की तरफ से पेश वकील ने अगली सुनवाई में कुछ अतिरिक्त दलीलें रखने की अनुमति मांगी। अदालत ने इस पर विचार करते हुए 16 मई को अगली सुनवाई तय की है। शिकायतकर्ता के वकील विकास त्रिपाठी ने चुनाव आयोग से प्राप्त दस्तावेजों को अदालत के रिकॉर्ड में शामिल करने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने तुरंत स्वीकार कर लिया।

शिकायतकर्ता पक्ष ने स्पष्ट किया कि वे मुकदमे की सुनवाई की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल पुलिस से जांच कराने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना था कि सोनिया गांधी के वकील उनके सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि 1980 की मतदाता सूची में उनका नाम तब जुड़ा था जब सोनिया गांधी को भारतीय नागरिकता नहीं मिली थी। इसमें धोखाधड़ी या गलत तरीके से दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है। गलत जानकारी देना कानून के अनुसार एक अपराध है, इसलिए यह मामला जांच का विषय है और अदालत को पुलिस को जांच का आदेश देना चाहिए।

पिछली सुनवाई में सोनिया गांधी की ओर से दाखिल जवाब में इस याचिका को तथ्यहीन, राजनीतिक रूप से प्रेरित और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया गया था। वकील विकास त्रिपाठी ने इस संशोधन याचिका को दाखिल किया है। इससे पहले मजिस्ट्रेट अदालत ने सितंबर महीने में इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पुलिस जांच कराने की मांग की गई थी।

याचिका में आरोप है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को नागरिकता प्राप्त की थी, लेकिन उनका नाम 1980 की नई दिल्ली मतदाता सूची में पहले से ही शामिल था। याचिका में सवाल उठाए गए हैं कि 1980 में नाम कैसे जोड़ा गया और 1982 में इसे अचानक हटा क्यों दिया गया? जब 1983 में नागरिकता प्राप्त हुई, तब किस आधार पर 1980 में नाम शामिल किया गया था? क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था?

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे ध्यान में रखना आवश्यक है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनिया गांधी के खिलाफ यह मामला क्या है?
यह मामला सोनिया गांधी के बिना भारतीय नागरिकता के मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आरोपों से संबंधित है।
अदालत ने क्या निर्देश दिए हैं?
अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया है।
क्या शिकायतकर्ता ने किसी जांच की मांग की है?
हाँ, शिकायतकर्ता ने पुलिस से जांच कराने की मांग की है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब है?
अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित की गई है।
क्या सोनिया गांधी ने इस याचिका का विरोध किया है?
हाँ, सोनिया गांधी ने इस याचिका को तथ्यहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले