आंध्र प्रदेश ने अगले छह महीनों में 10 लाख पीएनजी कनेक्शन स्थापित करने का बड़ा लक्ष्य
सारांश
Key Takeaways
- 10 लाख पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य
- दीपम योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी
- महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार
- गृहस्थी पर वित्तीय बोझ कम करना
- तेल कंपनियों द्वारा आपूर्ति चुनौतियों का समाधान
अमरावती, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश ने अगले छह महीनों के अंदर 10 लाख पीएनजी कनेक्शन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को पीएनजी को एक बेहतर विकल्प के रूप में प्रचारित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
शुक्रवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तेल कंपनियों को वैश्विक संघर्षों के चलते उत्पन्न घरेलू गैस आपूर्ति की चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।
चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को दीपम योजना के लाभार्थियों को पीएनजी के लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएनजी का विकल्प चुनने वाले लाभार्थियों को दीपम योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी मिलती रहेगी, और इस संदर्भ में त्वरित आदेश जारी करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि वे पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद भी योजना के लाभों का आनंद लेते रहेंगे।
दीपम 2.0 योजना के तहत, जो 31 अक्टूबर, 2024 को शुरू की गई थी, प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रदान किए जाते हैं।
'सुपर सिक्स' वादों के तहत, इस योजना का लक्ष्य परिवारों पर वित्तीय बोझ को कम करना, महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार करना और स्वच्छ खाना पकाने को बढ़ावा देना है, जिससे 58 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को दूर करने के लिए तेल कंपनियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों का मूल्यांकन किया। उन्होंने अगले छह महीनों के भीतर 10 लाख पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में कोई देरी न हो।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि घरेलू गैस की स्थिति में जल्द ही सुधार की उम्मीद है।
श्रीकाकुलम-काकीनाडा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना में हुई देरी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
केंद्रीय स्तर पर कुछ निर्णयों के लंबित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से सीधे बात की और उनसे परियोजना को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया, यह देखते हुए कि निविदा प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि मामले की जल्द ही समीक्षा की जाएगी और परियोजना को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।