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पुणे रेलवे स्टेशन लूट: 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से तीन आरोपी गिरफ्तार, नकदी-मोबाइल बरामद

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पुणे रेलवे स्टेशन लूट: 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से तीन आरोपी गिरफ्तार, नकदी-मोबाइल बरामद

सारांश

पुणे रेलवे स्टेशन पर 18 अगस्त की रात हुई सशस्त्र लूट को बंडगार्डन पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अंतर-जिला समन्वय से सुलझाया। तीन आरोपी गिरफ्तार, नकदी और मोबाइल फोन बरामद।

मुख्य बातें

पुणे रेलवे स्टेशन पर 18 अगस्त की रात 1 बजे एक सीनियर बुकिंग क्लर्क से चाकू की नोक पर नकदी, दो मोबाइल फोन और सोने की चेन लूटी गई।
बंडगार्डन पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जाँच कर आरोपियों को डोंबिवली ईस्ट में ट्रेस किया।
21 अगस्त को सुबह 4 बजे संयुक्त छापेमारी में जितेंद्र मोतीराम राठौड़ (24) और ईश्वर गोरख चव्हाण (23) गिरफ्तार।
पूछताछ के बाद तीसरे आरोपी अजय मदन चव्हाण (35) को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने कथित तौर पर अपराध में सहयोग किया था।
लूटी गई नकदी और दोनों मोबाइल फोन बरामद; आगे की जाँच जारी।

पुणे रेलवे स्टेशन पर एक सीनियर बुकिंग क्लर्क के साथ हुई सशस्त्र लूट के मामले में बंडगार्डन पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटी गई नकदी और दोनों मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह घटना 18 अगस्त की रात करीब 1 बजे हुई, जब क्लर्क रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर था। दो अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर उस पर चाकू से हमला किया और जान से मारने की धमकी देकर नकदी, दो मोबाइल फोन और सोने की चेन छीन ली। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संतोष पंधारे ने संदिग्धों की तलाश के लिए दो विशेष टीमें गठित कीं।

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

जाँच दल ने पुणे रेलवे स्टेशन से लेकर डोंबिवली ईस्ट रेलवे स्टेशन तक के मार्ग पर लगे करीब 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की बारीकी से जाँच की। इस फुटेज से संदिग्धों की स्पष्ट तस्वीरें मिलीं और लूट के बाद उनकी गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सामने आया।

जाँच में पता चला कि आरोपी डोंबिवली ईस्ट के मानपाडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पहुँच गए थे। पुलिसकर्मी प्रकाश अहवाड और सारस साल्वी से प्राप्त सूचना के आधार पर संदिग्धों का ठिकाना भोपर गाँव, कमानी इलाके में चिह्नित किया गया।

छापेमारी और गिरफ्तारी

बंडगार्डन पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की इंटेलिजेंस ब्रांच की संयुक्त टीम ने 21 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे छापा मारकर दो मुख्य संदिग्धों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र मोतीराम राठौड़ (24 वर्ष) और ईश्वर गोरख चव्हाण (23 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों मूल रूप से क्रमशः जलगाँव और छत्रपति संभाजीनगर जिलों के निवासी हैं और डोंबिवली ईस्ट में रह रहे थे।

पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर लूट में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद जाँच में सामने आया कि उनके रिश्तेदार अजय मदन चव्हाण (35 वर्ष) ने भी अपराध में सहयोग किया था, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामदगी और आगे की जाँच

पुलिस ने बताया कि आरोपियों से लूटी गई नकदी और दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। हालाँकि, सोने की चेन की बरामदगी को लेकर अभी पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आगे की जाँच जारी है और पुलिस अन्य संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल कर रही है।

यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और अंतर-जिला पुलिस समन्वय से जटिल अपराधों को सुलझाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन्हीं कैमरों की मौजूदगी के बावजूद अपराध को रोका क्यों नहीं जा सका। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के बीच रियल-टाइम समन्वय की कमी एक बार फिर उजागर हुई है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे रेलवे स्टेशन पर लूट की घटना कब और कैसे हुई?
यह घटना 18 अगस्त की रात करीब 1 बजे हुई, जब एक सीनियर बुकिंग क्लर्क ड्यूटी पर था। दो अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर जान से मारने की धमकी देते हुए नकदी, दो मोबाइल फोन और सोने की चेन छीन ली।
पुलिस ने आरोपियों का पता कैसे लगाया?
बंडगार्डन पुलिस ने पुणे रेलवे स्टेशन से डोंबिवली ईस्ट तक के मार्ग पर लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जाँच की। इससे संदिग्धों की पहचान हुई और उनके ठिकाने का पता भोपर गाँव, कमानी इलाके में चला।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
कुल तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं — जितेंद्र मोतीराम राठौड़ (24 वर्ष, जलगाँव), ईश्वर गोरख चव्हाण (23 वर्ष, छत्रपति संभाजीनगर) और अजय मदन चव्हाण (35 वर्ष), जो पहले दोनों का रिश्तेदार है और जिसने कथित तौर पर अपराध में सहयोग किया।
क्या लूट का सामान बरामद हो गया है?
पुलिस ने लूटी गई नकदी और दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। मामले में आगे की जाँच जारी है।
इस मामले में किस पुलिस स्टेशन ने जाँच की और कौन सी टीम शामिल थी?
बंडगार्डन पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज किया और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संतोष पंधारे की देखरेख में दो टीमें बनाई गईं। गिरफ्तारी के लिए बंडगार्डन पुलिस और RPF की इंटेलिजेंस ब्रांच ने संयुक्त छापेमारी की।
राष्ट्र प्रेस
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