26 अगस्त 2026
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राजस्थान में नीलकंठ फर्टिलिटी हॉस्पिटल के 9 एआरटी-सरोगेसी रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, लिंग-चयन विज्ञापन पर कार्रवाई

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राजस्थान में नीलकंठ फर्टिलिटी हॉस्पिटल के 9 एआरटी-सरोगेसी रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, लिंग-चयन विज्ञापन पर कार्रवाई

सारांश

राजस्थान सरकार ने नीलकंठ फर्टिलिटी हॉस्पिटल के 9 एआरटी और सरोगेसी रजिस्ट्रेशन निलंबित किए — वजह एक विज्ञापन में नीले रंग का भ्रूण, जिसे विभाग ने लिंग-चयन का अप्रत्यक्ष प्रचार माना। जयपुर से जोधपुर तक छह शहरों में असर।

मुख्य बातें

राजस्थान सरकार ने 25 अगस्त 2026 को 'नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड' के 9 एआरटी व सरोगेसी रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित किए।
कार्रवाई का आधार एक अखबारी विज्ञापन में नीले रंग के भ्रूण की तस्वीर — जिसे विभाग ने लिंग-चयन का अप्रत्यक्ष प्रचार माना।
निलंबित सुविधाएँ जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर में स्थित हैं।
कार्रवाई एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के कथित उल्लंघन के तहत की गई।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने कहा — प्रतिबंधित प्रथाओं को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजस्थान सरकार ने 25 अगस्त 2026 को जयपुर स्थित 'नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वुमन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके नौ एआरटी और सरोगेसी रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक निलंबित कर दिए। यह कदम असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के कथित उल्लंघन के प्रारंभिक साक्ष्य मिलने के बाद उठाया गया है।

कार्रवाई की वजह क्या रही

राजस्थान की प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने बताया कि एक अंग्रेजी समाचार पत्र के जयपुर संस्करण में प्रकाशित एक विज्ञापन जाँच का आधार बना। उस विज्ञापन में आईवीएफ, फर्टिलिटी और टेस्ट-ट्यूब बेबी सेंटर के प्रचार के लिए नीले रंग का एक भ्रूण दर्शाया गया था।

स्वास्थ्य विभाग ने इस तस्वीर को लिंग-चयन सेवाओं को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने का प्रारंभिक संकेत माना, क्योंकि नीला रंग परंपरागत रूप से लड़के से जोड़कर देखा जाता है। एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत लिंग-चयन और लिंग-आधारित एआरटी प्रक्रियाएँ पूर्णतः प्रतिबंधित हैं।

कहाँ-कहाँ निलंबित हुए रजिस्ट्रेशन

निलंबित किए गए नौ रजिस्ट्रेशन राज्य के छह प्रमुख शहरों में फैले हैं — जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर। इनमें शामिल हैं:

भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर में एआरटी क्लीनिक लेवल-1 सुविधाएँ; इन्हीं शहरों में एआरटी क्लीनिक लेवल-2 सुविधाएँ; जयपुर में दो एआरटी क्लीनिक लेवल-2 सुविधाएँ; जयपुर में एक सरोगेसी क्लीनिक और एक एआरटी बैंक

सरकार की प्रतिक्रिया

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिंग-चयन सहित किसी भी प्रतिबंधित प्रथा को — चाहे प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष — बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रमुख सचिव राठौड़ ने यह भी दोहराया कि एआरटी और सरोगेसी सेवाएँ देने वाले सभी संस्थानों में कानूनी व नैतिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में एआरटी और सरोगेसी क्लीनिकों की निगरानी को लेकर नियामक दबाव बढ़ रहा है। एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 और सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 लागू होने के बाद यह राजस्थान में इस कानून के तहत की गई उल्लेखनीय कार्रवाइयों में से एक है। गौरतलब है कि इन कानूनों का मकसद प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं में व्यावसायिक दुरुपयोग और लिंग-भेद को रोकना है।

आगे क्या होगा

विभाग ने संकेत दिया है कि जाँच जारी रहेगी और अगले आदेश तक निलंबन प्रभावी रहेगा। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी देशभर में इनके क्रियान्वयन की गति असमान रही है। राजस्थान की यह कार्रवाई एक मिसाल बन सकती है — बशर्ते जाँच पारदर्शी हो और अस्पताल को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीलकंठ फर्टिलिटी हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन क्यों निलंबित किए गए?
एक अखबार में प्रकाशित विज्ञापन में नीले रंग का भ्रूण दिखाए जाने को स्वास्थ्य विभाग ने लिंग-चयन सेवाओं का अप्रत्यक्ष प्रचार माना, जो एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत प्रतिबंधित है। इसी आधार पर अस्पताल के 9 एआरटी और सरोगेसी रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए।
कितने और कहाँ-कहाँ रजिस्ट्रेशन निलंबित हुए हैं?
कुल 9 रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए हैं, जो जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर में स्थित एआरटी क्लीनिक (लेवल-1 व लेवल-2), एक सरोगेसी क्लीनिक और एक एआरटी बैंक से संबंधित हैं।
एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 क्या है और इसमें लिंग-चयन पर क्या प्रावधान है?
एआरटी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 भारत में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी क्लीनिकों और बैंकों को नियंत्रित करने वाला केंद्रीय कानून है। इस कानून के तहत लिंग-चयन और लिंग-आधारित एआरटी प्रक्रियाएँ पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, और उल्लंघन पर पंजीकरण निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
इस कार्रवाई से मरीजों पर क्या असर पड़ेगा?
निलंबन के दौरान इन सुविधाओं पर एआरटी और सरोगेसी सेवाएँ बंद रहेंगी। जो मरीज पहले से इलाज करा रहे थे, उन्हें वैकल्पिक पंजीकृत केंद्रों से सेवा लेनी होगी। सरकार ने अभी तक प्रभावित मरीजों के लिए किसी विशेष राहत व्यवस्था की घोषणा नहीं की है।
निलंबन कब तक रहेगा और आगे क्या होगा?
निलंबन अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। विभाग ने कहा है कि जाँच जारी है और कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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