मांड्या लिंग निर्धारण रैकेट: फरार स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका की तलाश, तीन डॉक्टर गिरफ्तार, 12 FIR दर्ज

Click to start listening
मांड्या लिंग निर्धारण रैकेट: फरार स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका की तलाश, तीन डॉक्टर गिरफ्तार, 12 FIR दर्ज

सारांश

मांड्या के केआर पेट में दो डायग्नोस्टिक सेंटरों में 31 अवैध लिंग जांच स्कैन, तीन डॉक्टर गिरफ्तार और मुख्य आरोपी डॉ. प्रियंका फरार — यह मामला सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि नाबालिग गर्भवती लड़कियों की चुप्पी और सरकारी तंत्र की संभावित मिलीभगत का आईना है।

Key Takeaways

  • मांड्या जिले के केआर पेट में दो डायग्नोस्टिक सेंटरों में अवैध लिंग जांच का रैकेट उजागर, कुल 31 स्कैन की पुष्टि।
  • तीन डॉक्टर — डॉ. दिव्या चेतना, डॉ. हर्षित और डॉ. हरीश — गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में।
  • मुख्य आरोपी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका फरार, पुलिस छापेमारी जारी।
  • 17 आरोपियों के खिलाफ 12 FIR दर्ज; एक सरकारी डॉक्टर और एक आशा कार्यकर्ता भी आरोपी।
  • कर्नाटक लोकायुक्त ने स्वतः संज्ञान लिया; पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग गर्भवती लड़कियों की जानकारी न देने का आरोप।

कर्नाटक के मांड्या जिले में अवैध लिंग निर्धारण रैकेट का बड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने 29 अप्रैल 2026 को कार्रवाई तेज कर दी है। केआर पेट कस्बे में संचालित दो डायग्नोस्टिक सेंटरों में अवैध लिंग जांच के इस मामले में अब तक तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका अभी भी फरार हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट में नाबालिग गर्भवती लड़कियों के मामलों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, केआर पेट कस्बे में स्थित नावी डायग्नोस्टिक सेंटर और कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर में अवैध रूप से लिंग जांच की जाती थी। जांच में सामने आया है कि नावी डायग्नोस्टिक सेंटर में कुल 24 स्कैन किए गए — 2024 में 19 और 2025 में 5 मामले। वहीं, कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर में 7 स्कैन किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अब तक केआर पेट और केआर पेट ग्रामीण पुलिस थानों में 17 आरोपियों के खिलाफ 12 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपियों में एक सरकारी डॉक्टर, एक जूनियर हेल्थ असिस्टेंट, एक आशा कार्यकर्ता और कई निजी व्यक्ति शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में केआर पेट के दिव्या मैटरनिटी सेंटर की डॉ. दिव्या चेतना, नावी डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. हर्षित और कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. हरीश शामिल हैं। इस रैकेट की मुख्य आरोपी मानी जा रही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

लोकायुक्त का स्वतः संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक लोकायुक्त ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। उप-लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने नाबालिग गर्भवती लड़कियों की अवैध स्कैनिंग की शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटरों ने 18 वर्ष से कम उम्र की गर्भवती लड़कियों की जानकारी स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को नहीं दी, जो कि पॉक्सो एक्ट के तहत अनिवार्य है।

कर्नाटक में लिंग जांच रैकेट की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में 2023 के अंत से अक्टूबर 2025 के बीच महिला भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच के कई बड़े रैकेट पकड़े जा चुके हैं, खासकर मैसूरु और मांड्या क्षेत्रों में। अक्टूबर 2025 में मैसूरु जिले के हनुगनहल्ली गांव के एक फार्महाउस पर छापेमारी कर एक रैकेट का पर्दाफाश किया गया था, जहां ₹25,000 से ₹35,000 लेकर लिंग जांच और गर्भपात किया जाता था। उस कार्रवाई में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया था — जिनमें एक नर्स भी शामिल थी — और मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन, दवाइयाँ और ₹3 लाख नकद बरामद हुए थे, जबकि चार गर्भवती महिलाओं को बचाया गया था।

गौरतलब है कि सितंबर 2025 में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच चल रहे एक अंतरराज्यीय रैकेट का भी भंडाफोड़ किया गया था, जिसे एक गुप्त ऑपरेशन के जरिए पकड़ा गया। यह मांड्या मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति की एक और कड़ी है जो दर्शाती है कि अवैध लिंग निर्धारण नेटवर्क संगठित और बहुस्तरीय हो चुके हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस और लोकायुक्त मिलकर इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। फरार डॉ. प्रियंका की गिरफ्तारी के बाद रैकेट के और भी पहलू उजागर होने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या जांच में सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की मिलीभगत की पुष्टि होती है।

Point of View

तो इतने स्कैन चुपचाप क्यों होते रहे? 2023 से अब तक मैसूरु-मांड्या क्षेत्र में यह तीसरा बड़ा रैकेट है — जो बताता है कि छिटपुट गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं; इस नेटवर्क की जड़ें काटने के लिए प्रणालीगत सुधार की ज़रूरत है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

मांड्या लिंग निर्धारण रैकेट क्या है?
मांड्या जिले के केआर पेट कस्बे में नावी डायग्नोस्टिक सेंटर और कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर में अवैध रूप से लिंग जांच किए जाने का मामला है, जिसमें कुल 31 स्कैन की पुष्टि हुई है। इस रैकेट में नाबालिग गर्भवती लड़कियों के शामिल होने की भी आशंका है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक तीन डॉक्टरों — डॉ. दिव्या चेतना, डॉ. हर्षित और डॉ. हरीश — को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 17 आरोपियों के खिलाफ 12 FIR दर्ज हैं और मुख्य आरोपी डॉ. प्रियंका अभी फरार हैं।
डॉ. प्रियंका कौन हैं और वे क्यों फरार हैं?
डॉ. प्रियंका इस रैकेट की मुख्य आरोपी मानी जा रही स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
कर्नाटक लोकायुक्त ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
उप-लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने नाबालिग गर्भवती लड़कियों की अवैध स्कैनिंग की शिकायतों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। डायग्नोस्टिक सेंटरों पर पॉक्सो एक्ट के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग न करने का आरोप है।
कर्नाटक में इससे पहले भी ऐसे रैकेट पकड़े गए हैं?
हाँ, अक्टूबर 2025 में मैसूरु जिले के हनुगनहल्ली गांव में एक रैकेट का पर्दाफाश हुआ था जहाँ ₹25,000 से ₹35,000 लेकर लिंग जांच और गर्भपात होता था। सितंबर 2025 में कर्नाटक-आंध्र प्रदेश के बीच एक अंतरराज्यीय रैकेट भी पकड़ा गया था।
Nation Press