हरियाणा में लिंगानुपात संकट: नायब सैनी सरकार ने 4 सीनियर मेडिकल अधिकारी किए सस्पेंड

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हरियाणा में लिंगानुपात संकट: नायब सैनी सरकार ने 4 सीनियर मेडिकल अधिकारी किए सस्पेंड

सारांश

हरियाणा का जन्म लिंगानुपात 2025 में गिरकर 895 पर आ गया — 2024 के 925 से तीव्र गिरावट। जवाब में नायब सैनी सरकार ने चार जिलों के सीएचसी अधिकारियों को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की। चरखी दादरी में स्थिति सबसे गंभीर — महज 769 का आँकड़ा।

मुख्य बातें

हरियाणा सरकार ने 19 मई 2025 को 4 सीनियर मेडिकल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
निलंबित अधिकारियों में डॉ.
टीना आनंद (सोनीपत) , डॉ.
विजय परमार (यमुनानगर) , डॉ.
सतपाल (रोहतक) और डॉ.
प्रभा (नारनौल) शामिल हैं।
हरियाणा का जन्म लिंगानुपात जनवरी–अप्रैल 2025 में गिरकर 895 रह गया, जो 2024 में 925 था।
सबसे कम लिंगानुपात चरखी दादरी में 769 ; सर्वाधिक करनाल में 968 दर्ज।
हरियाणा सिविल सेवा नियम, 2016 के नियम 7 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू।

हरियाणा सरकार ने 19 मई 2025 को राज्य में गिरते लिंगानुपात पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए चार सीनियर मेडिकल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इन अधिकारियों पर अवैध लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने से जुड़े कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी में विफल रहने का आरोप है।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबित अधिकारियों में सोनीपत के पुरखास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की एसएमओ डॉ. टीना आनंद, यमुनानगर के रादौर स्थित सीएचसी के एसएमओ डॉ. विजय परमार, रोहतक के चिड़ी स्थित सीएचसी के एसएमओ डॉ. सतपाल और नारनौल के सहलांग स्थित सीएचसी की मेडिकल अधिकारी डॉ. प्रभा शामिल हैं।

निलंबन अवधि के दौरान ये चारों अधिकारी क्रमशः रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध रहेंगे। सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा नियम, 2016 के नियम 7 के तहत इनके विरुद्ध औपचारिक अनुशासनात्मक कार्यवाही भी आरंभ कर दी है।

लिंगानुपात की चिंताजनक स्थिति

हरियाणा का जन्म लिंगानुपात (SRB) इस वर्ष के पहले चार महीनों में गिरकर 895 लड़कियाँ प्रति 1,000 लड़के रह गया है, जो 2024 के 925 के आँकड़े से काफी कम है। यह गिरावट कई जिलों में विशेष रूप से तीव्र रही है।

सबसे चिंताजनक स्थिति चरखी दादरी जिले की है, जहाँ लिंगानुपात मात्र 769 दर्ज किया गया। इसके बाद अंबाला में 843, महेंद्रगढ़ में 847, गुरुग्राम में 863 और जींद में 872 का आँकड़ा रहा।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले

इसके विपरीत, करनाल जिले ने राज्य में सर्वाधिक 968 का लिंगानुपात दर्ज करके सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया। फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र दोनों जिलों में 932 का आँकड़ा रहा, जो राज्य के औसत से बेहतर है।

सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार के उस सख्त रुख का हिस्सा है, जिसके तहत अवैध लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। गौरतलब है कि हरियाणा दशकों से देश के सबसे कम लिंगानुपात वाले राज्यों में रहा है और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत भी इसी राज्य से हुई थी। आलोचकों का कहना है कि केवल निलंबन से जमीनी बदलाव नहीं आएगा — इसके लिए सामाजिक जागरूकता और कानून के सख्त क्रियान्वयन की समान रूप से ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

समाधान नहीं। हरियाणा का लिंगानुपात 2024 में 925 से गिरकर 2025 में 895 पर आ गया — यह गिरावट महज निगरानी की विफलता नहीं, बल्कि गहरी सामाजिक जड़ों वाली समस्या की अभिव्यक्ति है। चरखी दादरी का 769 का आँकड़ा बताता है कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की जन्मस्थली में ही कार्यक्रम की ज़मीनी पकड़ कमज़ोर पड़ रही है। बिना सामाजिक जागरूकता, कानूनी सख्ती और जवाबदेह निगरानी तंत्र के एक साथ काम किए, प्रशासनिक दंड अकेले सूई नहीं हिला सकते।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में किन मेडिकल अधिकारियों को निलंबित किया गया है?
19 मई 2025 को जारी आदेश के अनुसार, सोनीपत की डॉ. टीना आनंद, यमुनानगर के डॉ. विजय परमार, रोहतक के डॉ. सतपाल और नारनौल की डॉ. प्रभा को निलंबित किया गया है। ये सभी अपने-अपने जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी के पद पर तैनात थे।
हरियाणा का लिंगानुपात 2025 में कितना है?
2025 के पहले चार महीनों (जनवरी–अप्रैल) में हरियाणा का जन्म लिंगानुपात 895 लड़कियाँ प्रति 1,000 लड़के रहा है। यह 2024 के 925 के आँकड़े से उल्लेखनीय गिरावट है।
हरियाणा में सबसे कम लिंगानुपात किस जिले में है?
2025 के शुरुआती चार महीनों में चरखी दादरी जिले में सबसे कम 769 का लिंगानुपात दर्ज किया गया। इसके बाद अंबाला (843), महेंद्रगढ़ (847), गुरुग्राम (863) और जींद (872) का स्थान रहा।
इन अधिकारियों पर क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
निलंबन के साथ-साथ सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा नियम, 2016 के नियम 7 के तहत इन चारों अधिकारियों के विरुद्ध औपचारिक अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी है। निलंबन अवधि में ये अधिकारी रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध रहेंगे।
हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्य सरकार अवैध लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है। खराब प्रदर्शन और निगरानी में विफल रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसे अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की निगरानी में लागू किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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