इंदापुर लूटकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो आरोपी गिरफ्तार, ₹56 हजार का माल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पुणे ग्रामीण की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने इंदापुर पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज लूट के मामले का खुलासा करते हुए 27 जून 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ₹56 हजार मूल्य का लूटा हुआ सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा राजू गिरी (आयु 20 वर्ष) और वैभव देविदास सालुंखे (आयु 22 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दोनों सोलापुर के निवासी हैं। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर इन्हें दबोचा।
बरामद सामान का ब्यौरा
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन, एक फॉर रोलेस कंपनी की सेकंड कॉपी घड़ी और वारदात में प्रयुक्त होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की। बरामद माल और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इंदापुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
किसके नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार, उपविभागीय पुलिस अधिकारी (बारामती) मधुकर भट्टे और एलसीबी के पुलिस निरीक्षक प्रमोद क्षीरसागर के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक कारंडे एवं उनकी टीम ने अंजाम दी।
पृष्ठभूमि: महाराष्ट्र में लूट की बढ़ती घटनाएँ
गौरतलब है कि इससे पहले 7 जून को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में पुलिस ने सस्ते में सोना देने का लालच दिखाकर लूटपाट करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया था। उस मामले में रायगढ़ जिले के अनिल नलावडे को अहिल्यानगर तालुका के एक फ्लाईओवर के पास बुलाकर मारपीट करते हुए सोना और नकदी लूटी गई थी। जाँच में आरोपियों का संबंध नांदेड़ जिले के किनवट क्षेत्र से निकला, जहाँ से पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹16 लाख नकद, ₹2 लाख के सोने के आभूषण व सोने के सिक्के तथा एक चार-पहिया वाहन सहित कुल ₹26 लाख 52 हजार का माल जब्त किया था।
आगे क्या होगा
इंदापुर मामले में दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा। पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि इस तरह के संगठित लूट के मामलों में तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।