ग्रेटर नोएडा में ₹1.30 करोड़ के सोने-चांदी की लूट का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 6 अगस्त 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई ₹1 करोड़ 30 लाख के सोने और चांदी की लूट का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लगभग 635 ग्राम सोना और 12 किलो से अधिक चांदी बरामद की है। यह घटना 2 अगस्त की सुबह करीब साढ़े 4 बजे ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट के निकट घटित हुई थी।
घटनाक्रम: कैसे हुई लूट
पुलिस के अनुसार, पीड़ित दिल्ली के चांदनी चौक से आभूषणों की डिलीवरी लेकर आगरा जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने उसकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया और हार, मंगलसूत्र, पेंडेंट, अंगूठियाँ, चांदी के बिस्किट, लॉकेट और झुमकी सहित कीमती आभूषण लूटकर फरार हो गए। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
जाँच और सबूत
पुलिस ने मामले का खुलासा करने के लिए 5 विशेष टीमें गठित कीं और 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से अहम सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी।
मास्टरमाइंड का खुलासा
पुलिस जाँच में सामने आया कि लूट की पूरी योजना कमलकांत नामक व्यक्ति ने बनाई थी, जो सराफा व्यापार से जुड़ा था। अधिकारियों के अनुसार, कमलकांत एक फाइनेंस कंपनी में ₹1 करोड़ के नुकसान के कारण गहरे कर्ज में डूब चुका था। इसी आर्थिक दबाव में उसने अपने ही परिचित व्यक्ति को लूट का निशाना बनाया — जो इस मामले को और अधिक संगीन बनाता है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने बताया कि लूट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। उन्होंने कहा, 'लोकल इंटेलिजेंस के ज़रिए हमने इस घटना का अनावरण किया है।' डीसीपी ने पुष्टि की कि 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, मामले में अभी और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बरामद आभूषणों की जाँच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आपराधिक नेटवर्क की कड़ियाँ उजागर करने का प्रयास जारी है। यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे पर व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े करती है।