21 जुलाई 2026
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ग्रेटर नोएडा में चोर गिरोह का भंडाफोड़: मुठभेड़ में 2 घायल, 4 गिरफ्तार; ₹51 लाख के जेवर बरामद

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ग्रेटर नोएडा में चोर गिरोह का भंडाफोड़: मुठभेड़ में 2 घायल, 4 गिरफ्तार; ₹51 लाख के जेवर बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बंद मकानों की रेकी कर चोरी करने वाले सुसंगठित गिरोह को मुठभेड़ के बाद दबोचा। चार गिरफ्तार आरोपियों में एक रैपिडो चालक भी शामिल है जो सोसायटियों में घूमकर खुफिया जानकारी जुटाता था। बरामदगी में ₹51 लाख के जेवर, नकदी और अवैध हथियार शामिल हैं।

मुख्य बातें

थाना सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 5 जून 2026 को बंद घरों में चोरी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
मुठभेड़ में वकील उर्फ रिजवान और सरफराज उर्फ फैज घायल हुए; भोले उर्फ भोला और अलीजान कॉम्बिंग ऑपरेशन में पकड़े गए।
बरामदगी में ₹51 लाख के सोने के जेवर, ₹1.25 लाख के चाँदी के जेवर, ₹11.27 लाख नकद, 2 मोटरसाइकिलें और 4 अवैध तमंचे शामिल।
गिरोह का सदस्य भोले रैपिडो चालक था जो सोसायटियों में घूमकर बंद घरों की जानकारी जुटाता था।
मुख्य आरोपी रिजवान पर 32 से अधिक और सरफराज पर 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बरामद माल में 25 अप्रैल 2026 को पैरामाउंट सोसायटी में हुई चोरी का सामान भी शामिल।

ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर की पुलिस ने 5 जून 2026 को बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक सुसंगठित चोर गिरोह का पर्दाफाश किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हुए, जबकि शेष दो को कॉम्बिंग ऑपरेशन में दबोचा गया। आरोपियों के कब्जे से ₹51 लाख मूल्य के सोने के आभूषण, ₹1.25 लाख के चाँदी के जेवर, ₹11.27 लाख नकद, दो मोटरसाइकिलें और चार अवैध तमंचे बरामद किए गए।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को मोजर वियर गोलचक्कर के निकट सर्विस रोड पर नाकाबंदी के दौरान बिना नंबर प्लेट की दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध नज़र आए। रोकने का प्रयास करने पर वे भागने लगे और पीछा करने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वकील उर्फ रिजवान और सरफराज उर्फ फैज घायल हो गए और गिरफ्तार किए गए, जबकि भोले उर्फ भोला और अलीजान को कॉम्बिंग ऑपरेशन में पकड़ा गया।

गिरोह का तरीकाकार

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर में बंद पड़े मकानों की पहले रेकी करता था, फिर सुनियोजित ढंग से चोरी को अंजाम देता था। गिरोह का सदस्य भोले पेशे से रैपिडो चालक है, जो विभिन्न आवासीय सोसायटियों में घूमकर बंद घरों की जानकारी जुटाता और साथियों को सौंपता था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब एनसीआर में खाली मकानों को निशाना बनाने वाले गिरोहों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

बरामद माल और पुरानी वारदातें

बरामद सामान में 25 अप्रैल 2026 को सूरजपुर थाना क्षेत्र की पैरामाउंट सोसायटी में हुई बड़ी चोरी के जेवरात और नकदी शामिल हैं। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में ग्राम जैतपुर और अप्रैल 2026 में सेक्टर-144 स्थित मगध एन्क्लेव में हुई चोरियों से संबंधित रकम भी बरामद की गई है। गौरतलब है कि एक ही गिरोह से इतने अलग-अलग इलाकों की वारदातों से जुड़ा माल मिलना इनके संगठित नेटवर्क की पुष्टि करता है।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जाँच के अनुसार, मुख्य आरोपी वकील उर्फ रिजवान पर अकेले 32 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि सरफराज पर 17 से अधिक मुकदमे हैं। इन आरोपियों के खिलाफ गाजियाबाद, सम्भल, हापुड़, रामपुर और गौतमबुद्धनगर सहित कई जिलों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि बरामद माल की पहचान कर पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है ताकि एनसीआर में हुई अन्य चोरियों में उनकी संलिप्तता की भी पुष्टि की जा सके। जाँच के दायरे में और वारदातें आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ज़मानत प्रणाली और अंतर-जिला समन्वय की खामियों को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या बरामद माल वास्तव में सभी पीड़ितों तक पहुँचेगा, या फाइलों में दब जाएगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में किस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है?
थाना सूरजपुर पुलिस ने बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक सुसंगठित चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर में रेकी कर चोरी की वारदातें करता था। गिरोह के चार सदस्यों को 5 जून 2026 को मुठभेड़ और कॉम्बिंग ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
आरोपियों के कब्जे से ₹51 लाख मूल्य के सोने के आभूषण, ₹1.25 लाख के चाँदी के जेवर, ₹11.27 लाख नकद, दो मोटरसाइकिलें और चार अवैध तमंचे बरामद किए गए। बरामद माल में पैरामाउंट सोसायटी, मगध एन्क्लेव और ग्राम जैतपुर की चोरियों से जुड़ी संपत्ति भी शामिल है।
गिरोह बंद घरों की जानकारी कैसे जुटाता था?
गिरोह का सदस्य भोले उर्फ भोला पेशे से रैपिडो चालक था और विभिन्न आवासीय सोसायटियों में घूमकर बंद मकानों की जानकारी इकट्ठा करता था। यह जानकारी वह अपने साथियों को देता था, जिसके बाद गिरोह सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम देता था।
मुख्य आरोपी वकील उर्फ रिजवान का आपराधिक इतिहास क्या है?
पुलिस जाँच के अनुसार मुख्य आरोपी वकील उर्फ रिजवान पर अकेले 32 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं, जो गाजियाबाद, सम्भल, हापुड़, रामपुर और गौतमबुद्धनगर सहित कई जिलों में दर्ज हैं।
बरामद जेवर और नकदी पीड़ितों को कब वापस मिलेगी?
पुलिस ने बताया है कि बरामद माल की पहचान कर पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि एनसीआर में हुई अन्य चोरियों में उनकी संलिप्तता की भी जाँच की जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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