ग्रेटर नोएडा में चोर गिरोह का भंडाफोड़: मुठभेड़ में 2 घायल, 4 गिरफ्तार; ₹51 लाख के जेवर बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर की पुलिस ने 5 जून 2026 को बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक सुसंगठित चोर गिरोह का पर्दाफाश किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हुए, जबकि शेष दो को कॉम्बिंग ऑपरेशन में दबोचा गया। आरोपियों के कब्जे से ₹51 लाख मूल्य के सोने के आभूषण, ₹1.25 लाख के चाँदी के जेवर, ₹11.27 लाख नकद, दो मोटरसाइकिलें और चार अवैध तमंचे बरामद किए गए।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को मोजर वियर गोलचक्कर के निकट सर्विस रोड पर नाकाबंदी के दौरान बिना नंबर प्लेट की दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध नज़र आए। रोकने का प्रयास करने पर वे भागने लगे और पीछा करने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वकील उर्फ रिजवान और सरफराज उर्फ फैज घायल हो गए और गिरफ्तार किए गए, जबकि भोले उर्फ भोला और अलीजान को कॉम्बिंग ऑपरेशन में पकड़ा गया।
गिरोह का तरीकाकार
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर में बंद पड़े मकानों की पहले रेकी करता था, फिर सुनियोजित ढंग से चोरी को अंजाम देता था। गिरोह का सदस्य भोले पेशे से रैपिडो चालक है, जो विभिन्न आवासीय सोसायटियों में घूमकर बंद घरों की जानकारी जुटाता और साथियों को सौंपता था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब एनसीआर में खाली मकानों को निशाना बनाने वाले गिरोहों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बरामद माल और पुरानी वारदातें
बरामद सामान में 25 अप्रैल 2026 को सूरजपुर थाना क्षेत्र की पैरामाउंट सोसायटी में हुई बड़ी चोरी के जेवरात और नकदी शामिल हैं। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में ग्राम जैतपुर और अप्रैल 2026 में सेक्टर-144 स्थित मगध एन्क्लेव में हुई चोरियों से संबंधित रकम भी बरामद की गई है। गौरतलब है कि एक ही गिरोह से इतने अलग-अलग इलाकों की वारदातों से जुड़ा माल मिलना इनके संगठित नेटवर्क की पुष्टि करता है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस जाँच के अनुसार, मुख्य आरोपी वकील उर्फ रिजवान पर अकेले 32 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि सरफराज पर 17 से अधिक मुकदमे हैं। इन आरोपियों के खिलाफ गाजियाबाद, सम्भल, हापुड़, रामपुर और गौतमबुद्धनगर सहित कई जिलों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि बरामद माल की पहचान कर पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है ताकि एनसीआर में हुई अन्य चोरियों में उनकी संलिप्तता की भी पुष्टि की जा सके। जाँच के दायरे में और वारदातें आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।