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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़: तीन गिरफ्तार, 10 चोरी के वाहन और अवैध तमंचा बरामद

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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़: तीन गिरफ्तार, 10 चोरी के वाहन और अवैध तमंचा बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार, 10 चोरी के वाहन और एक अवैध तमंचा बरामद। गिरोह मॉल, मेट्रो और अस्पतालों के बाहर से वाहन चुराकर नंबर मिटाता और सस्ते दामों पर बेचता था।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में सक्रिय अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
तीन आरोपी — विकास कुमार , रोहित और कुलदीप — गिरफ्तार; तीनों मूल रूप से बुलंदशहर के निवासी।
आरोपियों के कब्जे से 9 मोटरसाइकिलें , 1 स्कूटी , एक .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद।
गिरोह मॉल, मेट्रो स्टेशन, अस्पताल और बाज़ारों के बाहर रेकी कर वाहन चुराता और इंजन-चेसिस नंबर घिसकर बेचता था।
तीनों आरोपियों पर पहले से चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन खरीद-फरोख्त नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित अंतर्राज्यीय दोपहिया वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 9 मोटरसाइकिलें, 1 स्कूटी, एक .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

गिरफ्तारी कैसे हुई

मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना सेक्टर-126 की पुलिस टीम ने गढ़ी शाहपुर कट, सेक्टर-131, नोएडा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास कुमार (मूल निवासी बुलंदशहर, वर्तमान में खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद), रोहित (बुलंदशहर, वर्तमान में सलारपुर, नोएडा) और कुलदीप (बुलंदशहर) के रूप में हुई। तीनों मूल रूप से बुलंदशहर के निवासी हैं और दिल्ली-एनसीआर में किराये पर रहकर वारदातें करते थे।

गिरोह का तरीकावार

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मॉल, अस्पताल, मेट्रो स्टेशन, बाज़ार और आवासीय क्षेत्रों के बाहर खड़े वाहनों की पहले रेकी करते थे। मौका मिलते ही वाहन चुराकर उन्हें सुनसान स्थानों पर छिपा देते थे। बाद में पुलिस की पकड़ से बचने के लिए चोरी किए गए वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर घिसकर मिटा देते थे और फिर इन्हें सस्ते दामों पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सेक्टर-131 स्थित यमुना डूब क्षेत्र की घनी झाड़ियों से चोरी के वाहन बरामद किए।

बरामद वाहन और हथियार

बरामद वाहनों में नोएडा और दिल्ली से चोरी की गई कई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें, एक टीवीएस जूपिटर स्कूटी और एक बजाज सीटी-100 शामिल हैं। इनमें से कुछ वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर घिसे हुए मिले, जबकि कुछ वाहनों के संबंध में दिल्ली और नोएडा के विभिन्न थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के सरगना विकास कुमार के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। विकास कुमार पर पहले से आर्म्स एक्ट के दो मुकदमे दर्ज हैं। रोहित के खिलाफ लूट, चोरी और चोरी का सामान रखने सहित कई मामले दर्ज हैं, जबकि कुलदीप पर चोरी और सेंधमारी के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-126 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रेकी, छुपाने की जगह और नंबर मिटाने की पूरी व्यवस्था के साथ काम करते हैं। तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड यह सवाल उठाता है कि पूर्व मुकदमों के बावजूद ये इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहे। असली परीक्षा अब उन खरीदारों और बिचौलियों तक पहुँचने की है जो इस चेन को जिंदा रखते हैं — बिना उनके, गिरोह के सरगना बदल जाते हैं, नेटवर्क नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में किस वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने थाना सेक्टर-126 क्षेत्र में सक्रिय एक अंतर्राज्यीय दोपहिया वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातें कर रहा था। गिरोह के तीन सदस्यों को 23 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनके खिलाफ क्या मामले हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार (खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद), रोहित (सलारपुर, नोएडा) और कुलदीप (बुलंदशहर) शामिल हैं — तीनों मूल रूप से बुलंदशहर के निवासी हैं। विकास पर आर्म्स एक्ट के दो पुराने मुकदमे हैं, रोहित पर लूट और चोरी के मामले हैं, जबकि कुलदीप पर चोरी और सेंधमारी के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सेक्टर-131 स्थित यमुना डूब क्षेत्र की झाड़ियों से 9 मोटरसाइकिलें (हीरो स्प्लेंडर, बजाज सीटी-100 सहित), 1 टीवीएस जूपिटर स्कूटी, एक .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। कुछ वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर घिसे हुए मिले।
यह गिरोह वाहन चोरी के बाद क्या करता था?
गिरोह पहले मॉल, अस्पताल, मेट्रो स्टेशन और बाज़ारों के बाहर खड़े वाहनों की रेकी करता था। चोरी के बाद वाहनों को सुनसान जगह छिपाकर उनके इंजन और चेसिस नंबर घिसकर मिटा देता था, फिर इन्हें सस्ते दामों पर बेचकर मुनाफा कमाता था।
आरोपियों पर कौन-सी धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है?
पुलिस ने थाना सेक्टर-126 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन खरीद-फरोख्त नेटवर्क की तलाश जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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