नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, 3 गिरफ्तार; 17 बाइक-स्कूटी और 8 मोबाइल बरामद

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नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, 3 गिरफ्तार; 17 बाइक-स्कूटी और 8 मोबाइल बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया जो रेकी से लेकर स्नैचिंग तक की पूरी आपराधिक शृंखला चलाता था। 17 वाहन और 8 मोबाइल की बरामदगी, और मुख्य आरोपी पर 30 से अधिक मुकदमे — यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर के संगठित वाहन चोरी नेटवर्क की गहराई उजागर करती है।

मुख्य बातें

नोएडा फेस-1 थाने की पुलिस ने 7 मई 2026 को सेक्टर-8 से तीन अंतरराज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान सूरज उर्फ चीढ़ा (24) , अनिल कुमार उर्फ गोलू (30) और सुशील मिश्रा उर्फ बाबा (29) के रूप में हुई।
बरामदगी में 17 चोरी की बाइक-स्कूटी , 8 मोबाइल फोन और 3 अवैध चाकू शामिल हैं।
मुख्य आरोपी सूरज उर्फ चीढ़ा पर अकेले 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरोह के खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के थानों में गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी वाहन बिक्री नेटवर्क की जाँच जारी रखे हुए है।

नोएडा के फेस-1 थाने की पुलिस ने 7 मई 2026 को वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग में सक्रिय एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 17 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी, 8 चोरी एवं स्नैचिंग के मोबाइल फोन तथा 3 अवैध चाकू बरामद किए, जो नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चुराए गए थे।

गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, मैनुअल इंटेलिजेंस और गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-8 स्थित एफ-95 के पास से तीनों आरोपियों को दबोचा गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सूरज उर्फ चीढ़ा (24 वर्ष), अनिल कुमार उर्फ गोलू (30 वर्ष) और सुशील मिश्रा उर्फ बाबा (29 वर्ष) के रूप में हुई। तीनों थाना सेक्टर-63 क्षेत्र के ग्राम छिजारसी के निवासी हैं।

गिरोह का अपराध का तरीका

जाँच में सामने आया कि यह गिरोह अत्यंत सुनियोजित तरीके से वारदातें अंजाम देता था। आरोपी पहले कॉलोनियों, सोसायटियों, फैक्ट्रियों और कंपनियों के आसपास रेकी करते थे। इसके बाद पार्किंग में खड़ी मोटरसाइकिल और स्कूटी का लॉक तोड़कर वाहन चुरा लेते थे। चोरी के बाद वाहनों को अलग-अलग ठिकानों पर छिपाया जाता था ताकि पुलिस की नज़र से बचा जा सके।

गौरतलब है कि चोरी किए गए यही वाहन बाद में मोबाइल स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय था।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के विभिन्न थानों में वाहन चोरी, लूट, स्नैचिंग, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य आरोपी सूरज उर्फ चीढ़ा पर अकेले 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अनिल कुमार और सुशील मिश्रा के खिलाफ भी कई संगीन मुकदमे पाए गए हैं।

आगे की जाँच

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की भी जाँच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में गिरोह के और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मुख्य आरोपी पर 30 से अधिक मुकदमे होने के बावजूद वह इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा। यह दिल्ली-एनसीआर में संगठित वाहन चोरी के उस व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो चोरी, छिपाव और पुनर्बिक्री की पूरी शृंखला चलाता है। बार-बार की गिरफ्तारियों के बावजूद ऐसे गिरोहों का पुनर्सक्रिय होना न्यायिक प्रक्रिया और जमानत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब तक चोरी वाहनों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क को जड़ से नहीं तोड़ा जाता, तब तक ऐसी गिरफ्तारियाँ स्थायी समाधान नहीं बन सकतीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार अंतरराज्यीय वाहन चोर कौन हैं?
गिरफ्तार तीन आरोपी सूरज उर्फ चीढ़ा (24 वर्ष), अनिल कुमार उर्फ गोलू (30 वर्ष) और सुशील मिश्रा उर्फ बाबा (29 वर्ष) हैं, जो थाना सेक्टर-63 क्षेत्र के ग्राम छिजारसी के निवासी हैं। तीनों के खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नोएडा पुलिस ने इस गिरोह से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने 17 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी, 8 चोरी एवं स्नैचिंग के मोबाइल फोन और 3 अवैध चाकू बरामद किए। बरामद वाहन नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चुराए गए थे।
यह गिरोह वाहन चोरी किस तरह करता था?
गिरोह पहले कॉलोनियों, सोसायटियों और फैक्ट्रियों के आसपास रेकी करता था, फिर पार्किंग में खड़े वाहनों का लॉक तोड़कर उन्हें चुराता था। चोरी किए वाहनों को अलग-अलग ठिकानों पर छिपाया जाता था और बाद में मोबाइल स्नैचिंग जैसी अन्य आपराधिक घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता था।
मुख्य आरोपी सूरज उर्फ चीढ़ा पर कितने मामले दर्ज हैं?
मुख्य आरोपी सूरज उर्फ चीढ़ा पर अकेले 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी, लूट, स्नैचिंग, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं।
नोएडा पुलिस आगे क्या जाँच कर रही है?
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जाँच कर रही है। गिरोह के और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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