क्या पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया?

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क्या पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया?

सारांश

नोएडा में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और उनकी निशानदेही पर चोरी की मोटरसाइकिलें और कई वाहन पार्ट्स बरामद किए गए हैं। जानिए इस गिरोह की कार्यप्रणाली और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
  • चार अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं।
  • बरामद माल की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपए है।
  • गिरोह कॉलोनियों और कंपनियों के आसपास चोरी करता था।
  • पुलिस अन्य मामलों में भी जांच कर रही है।

नोएडा, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना फेस-1 की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी की 15 मोटरसाइकिलें, स्कूटर, स्कूटी के साथ-साथ बड़ी मात्रा में वाहन के पार्ट्स बरामद किए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपए बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, थाना फेस-1 की एक टीम ने सोमवार को सेक्टर-14ए के निकट चार अभियुक्तों, शादाब उर्फ रुतबा, अरमान उर्फ सुट्टा, उलमान और विजय को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के पास से चोरी की मोटरसाइकिलें, स्कूटर और स्कूटी के अलावा 12 मोटरसाइकिल की टंकियां, 5 साइलेंसर, 5 मुखोटे, 4 मडगार्ड और 2 टायर रिम भी बरामद किए गए।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह दिल्ली, नोएडा, एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में सक्रिय था। अभियुक्त पहले कॉलोनियों, सोसाइटियों, कंपनियों और फैक्ट्रियों के आसपास खड़े दोपहिया वाहनों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही वाहन का लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वाहन को कबाड़ी की दुकानों पर ले जाकर काट दिया जाता था और उसके पार्ट्स ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे। कई बार पूरे वाहन को दूसरे राज्यों में सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था।

चोरी से मिले पैसों से आरोपी अपना खर्च और ऐशो-आराम करते थे। इस गिरोह की खास बात यह है कि अभियुक्त अरमान उर्फ सुट्टा और उलमान जुड़वा भाई हैं और दोनों एक दूसरे के हमशक्ल हैं। पुलिस के अनुसार, एक भाई दुकान पर बैठता था, जबकि दूसरा चोरी की वारदात को अंजाम देता था। दोनों एक जैसे कपड़े पहनकर अदला-बदली करते थे, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

गिरफ्तार अभियुक्तों में शादाब उर्फ रुतबा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और उसके खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कई थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अरमान, उलमान और विजय के खिलाफ भी वाहन चोरी से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। बरामद वाहनों में दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से चोरी की गई कई मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं, जिनमें से 9 वाहनों के संबंध में पहले से मुकदमे पंजीकृत हैं। पुलिस अब अन्य चोरी के मामलों में इन आरोपियों के संबंधों की जांच कर रही है।

Point of View

वहीं अपराधियों का नेटवर्क भी तेजी से विकसित हो रहा है। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ होना जरूरी है ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

इस गिरोह की गिरफ्तारी कब हुई?
गिरफ्तारी 5 जनवरी को नोएडा के थाना फेस-1 द्वारा की गई।
गिरोह के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
गिरोह के पास से 15 मोटरसाइकिलें, स्कूटर, स्कूटी और कई वाहन पार्ट्स बरामद हुए हैं।
गिरोह किस क्षेत्र में सक्रिय था?
यह गिरोह दिल्ली, नोएडा, एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था।
क्या गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास है?
हाँ, शादाब उर्फ रुतबा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है।
पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस अब अन्य चोरी के मामलों में इन आरोपियों के संबंधों की जांच कर रही है।
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