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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार: 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और चाकू बरामद

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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार: 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और चाकू बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को दबोचा। बरामदगी में 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और चाकू शामिल। टीटू पर 13 और एकान्त उर्फ मोनू पर 4 पुराने आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को दो अंतर्राज्यीय वाहन चोरों को सेक्टर-57 से गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से 7 मोटरसाइकिल , 1 स्कूटी और 1 चाकू बरामद किया गया।
आरोपी टीटू (बुलंदशहर) पर 13 आपराधिक मुकदमे और एकान्त उर्फ मोनू (बागपत) पर 4 मुकदमे दर्ज हैं।
दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर की मार्केट, मॉल और कंपनियों की पार्किंग से दोपहिया वाहन चुराते थे।
बरामद वाहनों से जुड़ी एफआईआर दिल्ली और गाजियाबाद के थानों में पहले से दर्ज हैं; असली मालिकों की तलाश जारी।

नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अंतर्राज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 7 चोरी की मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और एक चाकू बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय थे और चोरी के वाहनों को सस्ते दामों पर बेचते थे।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस ने सेक्टर-57, नोएडा से टीटू पुत्र कलुआ और एकान्त उर्फ मोनू पुत्र बबलू को शनिवार को दबोचा। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली-एनसीआर की बड़ी मार्केट, मॉल और कंपनियों की पार्किंग पर नजर रखते थे। मौका मिलते ही दोपहिया वाहन चोरी कर कम आवाजाही वाले स्थानों पर छिपा देते और बाद में अपने संपर्कों के ज़रिये बेच देते थे।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी टीटू मूल रूप से बुलंदशहर के शिकारपुर क्षेत्र का रहने वाला है और गिरफ्तारी के समय दिल्ली के न्यू कोंडली में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर सहित विभिन्न जिलों में वाहन चोरी, चोरी का माल रखने, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

दूसरा आरोपी एकान्त उर्फ मोनू बागपत का निवासी है और दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 में रह रहा था। उसके खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में वाहन चोरी और अन्य अपराधों से जुड़े 4 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं और चोरी से मिली रकम नशे की लत और अन्य शौक पर खर्च करते थे।

बरामद वाहनों की जांच

बरामद मोटरसाइकिल और स्कूटी में से कुछ के संबंध में दिल्ली और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में पहले से वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज है। पुलिस अब इन वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने और लंबित मामलों से उनका मिलान करने में जुटी है।

आगे की कार्रवाई

थाना सेक्टर-58 पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय वाहन चोर गिरोह के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस गिरफ्तारी की सीमा को रेखांकित करता है। जब तक खरीदारों और बिचौलियों पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसे गिरोह नए सदस्यों के साथ फिर सक्रिय हो सकते हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में किन दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया?
नोएडा पुलिस ने टीटू पुत्र कलुआ (बुलंदशहर निवासी, दिल्ली के न्यू कोंडली में रह रहा था) और एकान्त उर्फ मोनू पुत्र बबलू (बागपत निवासी, दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 में रह रहा था) को 1 अगस्त 2026 को सेक्टर-57 से गिरफ्तार किया।
बरामदगी में क्या-क्या मिला?
आरोपियों के कब्जे से 7 चोरी की मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और एक चाकू बरामद किया गया। इनमें से कुछ वाहनों के संबंध में दिल्ली और गाजियाबाद के थानों में पहले से एफआईआर दर्ज है।
आरोपियों पर कितने पुराने मुकदमे दर्ज हैं?
टीटू के खिलाफ बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर में वाहन चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 13 मुकदमे दर्ज हैं। एकान्त उर्फ मोनू पर दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में 4 मुकदमे दर्ज हैं।
वाहन चोरी का तरीका क्या था?
दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर की भीड़भाड़ वाली मार्केट, मॉल और कंपनियों की पार्किंग पर नजर रखते थे। मौका मिलने पर दोपहिया वाहन चुराकर सुनसान जगहों पर छिपाते और फिर संपर्कों के ज़रिये सस्ते दामों पर बेच देते थे।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस बरामद वाहनों के असली मालिकों का पता लगाने और लंबित एफआईआर से मिलान करने में जुटी है। चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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