21 अगस्त 2026
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नोएडा पुलिस ने 4 अंतरराज्यीय वाहन चोर दबोचे, 12 बाइक और वैगनार कार बरामद

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नोएडा पुलिस ने 4 अंतरराज्यीय वाहन चोर दबोचे, 12 बाइक और वैगनार कार बरामद

सारांश

नोएडा में ऑनलाइन कैब की आड़ में बाइक चुराने वाले 4 शातिर चोर पकड़े गए। मैनपुरी के ये युवा दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ तक वारदात कर चुके थे। 12 बाइक और वैगनार कार बरामद; हर आरोपी पर पहले से 7-7 मुकदमे दर्ज।

मुख्य बातें

थाना सेक्टर-39, नोएडा पुलिस ने 21 अगस्त 2026 को 4 अंतरराज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों से 12 चोरी की मोटरसाइकिलें , एक वैगनार कार और 2 अवैध चाकू बरामद; बाइकों की कीमत ₹10 लाख से अधिक।
गिरोह ऑनलाइन कैब सेवा की आड़ में नोएडा, दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में वारदातें करता था।
चारों आरोपी — रवि प्रताप, विमल शाक्य उर्फ सूर्या, प्रशांत सिंह और दीपांशु — मूल रूप से मैनपुरी के निवासी हैं।
प्रत्येक आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 7-7 पूर्व मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस गिरोह के शेष सदस्यों और चोरी के वाहन खरीदने वालों की तलाश में जाँच जारी रखे हुए है।

नोएडा के थाना सेक्टर-39 पुलिस ने 21 अगस्त 2026 को एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिलें, एक वैगनार कार और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। बरामद बाइकों की अनुमानित कीमत ₹10 लाख से अधिक आँकी जा रही है।

गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि प्रताप (26 वर्ष), विमल शाक्य उर्फ सूर्या (23 वर्ष), प्रशांत सिंह (21 वर्ष) और दीपांशु (23 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से मैनपुरी जिले के निवासी हैं और वारदात के समय गौतमबुद्धनगर के अलग-अलग इलाकों में किराये पर रह रहे थे। इन्हें गोदरेज बिल्डिंग के पीछे स्टेलर ग्रीन पार्क जाने वाले मार्ग से दबोचा गया।

ऑनलाइन कैब की आड़ में चोरी का खेल

पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह ऑनलाइन कैब सेवा की आड़ में काम करता था। आरोपी वैगनार कार से नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में घूमकर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही उन्हें चुरा लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद बाइकों को तत्काल बेचने की बजाय झाड़ियों या सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था, और बाद में आम लोगों को मजबूरी की कहानी सुनाकर कम कीमत पर बेच दिया जाता था।

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह नोएडा के अलावा दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। बरामद मोटरसाइकिलों में टीवीएस, स्प्लेंडर, टीवीएस राइडर, टीवीएस स्पोर्ट्स और टीवीएस अपाचे जैसे मॉडल शामिल हैं। इन वाहनों पर दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर दर्ज हैं। इनमें दिल्ली के अशोक नगर, लोदी नगर, चंडीगढ़ के सेक्टर-36, गुरुग्राम और बदरपुर से चोरी की गई बाइकें शामिल हैं।

पुराने मामले और आपराधिक रिकॉर्ड

जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में सात-सात मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इनमें नोएडा, दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम के थानों में वाहन चोरी के मामले शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-39 में नया मुकदमा दर्ज किया है।

आगे की जाँच

पुलिस अब गिरोह के व्यापक आपराधिक नेटवर्क और चोरी के वाहनों को खरीदने वाले लोगों की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सवाल उठता है कि एग्रीगेटर कंपनियाँ चालकों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जाँच कितनी गंभीरता से करती हैं। इन चारों पर पहले से 7-7 मुकदमे दर्ज थे — फिर भी ये सक्रिय रहे, जो पुलिस डेटाबेस और प्लेटफॉर्म ऑनबोर्डिंग के बीच समन्वय की कमी दर्शाता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार वाहन चोर गिरोह कैसे काम करता था?
यह गिरोह ऑनलाइन कैब सेवा की आड़ में नोएडा और एनसीआर के इलाकों में घूमकर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करता था और मौका मिलते ही उन्हें चुरा लेता था। चोरी की बाइकें झाड़ियों या सुनसान जगहों पर छिपाई जाती थीं और बाद में कम कीमत पर बेच दी जाती थीं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका आपराधिक रिकॉर्ड क्या है?
गिरफ्तार चारों आरोपी — रवि प्रताप (26 वर्ष), विमल शाक्य उर्फ सूर्या (23 वर्ष), प्रशांत सिंह (21 वर्ष) और दीपांशु (23 वर्ष) — मूल रूप से मैनपुरी जिले के हैं। प्रत्येक आरोपी के खिलाफ नोएडा, दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम के विभिन्न थानों में 7-7 पूर्व मुकदमे दर्ज हैं।
बरामद मोटरसाइकिलें कहाँ-कहाँ से चोरी की गई थीं?
बरामद 12 मोटरसाइकिलें दिल्ली के अशोक नगर, लोदी नगर, बदरपुर; चंडीगढ़ के सेक्टर-36; गुरुग्राम और नोएडा के सेक्टर-39 समेत कई स्थानों से चोरी की गई थीं। इन पर दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर दर्ज हैं।
पुलिस अब आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस गिरोह के शेष सदस्यों और चोरी के वाहनों को खरीदने वाले लोगों की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए है। थाना सेक्टर-39 में आरोपियों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या ऑनलाइन कैब प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपराध में होना नई बात है?
यह मामला इस बात को उजागर करता है कि कैसे अपराधी वैध सेवाओं की आड़ में इलाकों की रेकी कर सकते हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी कैब ड्राइवर के रूप में काम करते हुए लक्ष्य चिन्हित करते थे, जो एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर पृष्ठभूमि जाँच की ज़रूरत को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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