नोएडा पुलिस ने 4 अंतरराज्यीय वाहन चोर दबोचे, 12 बाइक और वैगनार कार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-39 पुलिस ने 21 अगस्त 2026 को एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिलें, एक वैगनार कार और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। बरामद बाइकों की अनुमानित कीमत ₹10 लाख से अधिक आँकी जा रही है।
गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि प्रताप (26 वर्ष), विमल शाक्य उर्फ सूर्या (23 वर्ष), प्रशांत सिंह (21 वर्ष) और दीपांशु (23 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से मैनपुरी जिले के निवासी हैं और वारदात के समय गौतमबुद्धनगर के अलग-अलग इलाकों में किराये पर रह रहे थे। इन्हें गोदरेज बिल्डिंग के पीछे स्टेलर ग्रीन पार्क जाने वाले मार्ग से दबोचा गया।
ऑनलाइन कैब की आड़ में चोरी का खेल
पुलिस ने खुलासा किया कि यह गिरोह ऑनलाइन कैब सेवा की आड़ में काम करता था। आरोपी वैगनार कार से नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में घूमकर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही उन्हें चुरा लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद बाइकों को तत्काल बेचने की बजाय झाड़ियों या सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था, और बाद में आम लोगों को मजबूरी की कहानी सुनाकर कम कीमत पर बेच दिया जाता था।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह नोएडा के अलावा दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। बरामद मोटरसाइकिलों में टीवीएस, स्प्लेंडर, टीवीएस राइडर, टीवीएस स्पोर्ट्स और टीवीएस अपाचे जैसे मॉडल शामिल हैं। इन वाहनों पर दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर दर्ज हैं। इनमें दिल्ली के अशोक नगर, लोदी नगर, चंडीगढ़ के सेक्टर-36, गुरुग्राम और बदरपुर से चोरी की गई बाइकें शामिल हैं।
पुराने मामले और आपराधिक रिकॉर्ड
जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में सात-सात मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इनमें नोएडा, दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम के थानों में वाहन चोरी के मामले शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-39 में नया मुकदमा दर्ज किया है।
आगे की जाँच
पुलिस अब गिरोह के व्यापक आपराधिक नेटवर्क और चोरी के वाहनों को खरीदने वाले लोगों की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं।