नोएडा में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़: 2 गिरफ्तार, चोरी की 10 मोटरसाइकिल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने 7 जुलाई 2026 को एक सक्रिय दोपहिया वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 10 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में रेकी कर वाहन चुराते थे और उन्हें बिना दस्तावेज़ के सस्ते दामों पर बेच देते थे।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की सहायता से बिजली घर, सेक्टर-50, नोएडा के पास से दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलिन्दर पुत्र संतकुमार (उम्र करीब 23 वर्ष, मूल निवासी गोपालगंज गाँव, कटिहार, बिहार; वर्तमान निवास ग्राम होशियारपुर, थाना सेक्टर-49 क्षेत्र) और विवेक पुत्र संजय (उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम होशियारपुर, सेक्टर-51, नोएडा) के रूप में हुई। इस कार्रवाई की शुरुआत 5 जुलाई को दर्ज एक शिकायत से हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने सेक्टर-50 से अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की सूचना थाना सेक्टर-49 में दी थी।
आरोपियों का तरीकावार
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पहले सुनसान स्थानों और पार्किंग क्षेत्रों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही मोटरसाइकिल चुराकर किसी सुरक्षित स्थान पर छिपा देते थे और फिर बिना किसी वैध दस्तावेज़ के इन्हें कम कीमत पर बेच देते थे। बरामद मोटरसाइकिलों में कई वाहन नोएडा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे, जिनकी पृथक एफआईआर दर्ज हैं।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बलिन्दर के विरुद्ध पूर्व में थाना सेक्टर-39 में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। विवेक के खिलाफ थाना सेक्टर-24 में आयुध अधिनियम के तहत मामला पहले से दर्ज है। वर्तमान प्रकरण में दोनों पर थाना सेक्टर-49 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
पुलिस को आशंका है कि आरोपियों का संबंध वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क से भी हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है। बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वाहन सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोएडा पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और यह पता लगाने की कोशिश भी जारी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।