नोएडा में बाइक चोरी और मोबाइल लूट गैंग गिरफ्तार: 10 मोटरसाइकिल और 4 स्मार्टफोन सहित ₹10 लाख का माल बरामद

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नोएडा में बाइक चोरी और मोबाइल लूट गैंग गिरफ्तार: 10 मोटरसाइकिल और 4 स्मार्टफोन सहित ₹10 लाख का माल बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी कर बाइक चुराता था और फिर उन्हीं बाइकों से मोबाइल लूट करता था। तीन गिरफ्तार आरोपियों के पास से ₹10 लाख का माल बरामद हुआ — और पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में है।

मुख्य बातें

थाना सेक्टर-113, नोएडा पुलिस ने 6 मई 2026 को तीन आरोपियों को ग्राम पर्थला से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी हैं — राहुल उर्फ शेरा (21) , सनी कुमार (25) और वासु कैरवार (19) ।
बरामदगी में 10 मोटरसाइकिल , एक बाइक के कटे पार्ट्स और 4 स्मार्टफोन शामिल; कुल कीमत करीब ₹10 लाख ।
गिरोह मॉल, सब्जी मंडी और सर्राफा बाजार में रेकी कर बाइक चुराता था और उन्हीं से मोबाइल लूट करता था।
तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा और दिल्ली में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरोह के अन्य संभावित साथियों की तलाश जारी है।

नोएडा के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 6 मई 2026 को एक संगठित वाहन चोरी और मोबाइल लूट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। ग्राम पर्थला, नोएडा से पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से 10 मोटरसाइकिल, एक मोटरसाइकिल के कटे हुए पार्ट्स और 4 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹10 लाख बताई जा रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त कौन हैं

पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है — राहुल उर्फ शेरा (21 वर्ष), सनी कुमार (25 वर्ष) और वासु कैरवार (19 वर्ष)। ये तीनों अलग-अलग स्थानों के मूल निवासी हैं, लेकिन वर्तमान में नोएडा क्षेत्र में रहकर आपराधिक गतिविधियाँ संचालित कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, इन तीनों के खिलाफ पहले से ही वाहन चोरी, लूट और आयुध अधिनियम से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।

गिरोह का तरीकावार

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह एक सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले मॉल, सब्जी मंडी और सर्राफा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल जाकर रेकी करते थे। इसके बाद पार्किंग में खड़ी मोटरसाइकिलों का लॉक तोड़कर उन्हें चुरा लेते थे। चोरी की गई बाइकों का उपयोग राह चलते लोगों से मोबाइल फोन छीनने और लूटने में किया जाता था।

वारदात के बाद ये लोग मोटरसाइकिलों को काटकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेच देते थे, जिससे पुलिस के लिए उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता था। यह तरीका संगठित वाहन चोरी नेटवर्क की एक जानी-पहचानी रणनीति है, जिसे पुलिस अब तक कई बार उजागर कर चुकी है।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 10 मोटरसाइकिल बरामद की हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली नंबर की कई गाड़ियाँ शामिल हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल के कटे हुए पार्ट्स भी जब्त किए गए हैं, जो दिल्ली में दर्ज एक ई-एफआईआर से संबंधित बताए जा रहे हैं। साथ ही 4 अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन भी बरामद किए गए हैं, जो लूट और चोरी की घटनाओं से जुड़े हैं।

आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य मामले

जाँच में सामने आया है कि तीनों अभियुक्तों के खिलाफ नोएडा के विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। इनमें वाहन चोरी, लूट और आयुध अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं। एक मामला दिल्ली पुलिस में भी पंजीकृत है। गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब नोएडा और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी और मोबाइल लूट की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से क्षेत्र में वाहन चोरी और मोबाइल लूट की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के अन्य संभावित साथियों की तलाश भी जारी है। बरामद वाहनों और मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान के लिए जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को नहीं टालती कि संगठित वाहन चोरी और छिनैती गिरोह बार-बार एनसीआर में पनपते क्यों हैं। चोरी की बाइकों को काटकर पार्ट्स बेचने का यह तरीका कोई नया नहीं है — यह एक स्थापित 'चोरी-से-स्क्रैप' पाइपलाइन की ओर इशारा करता है, जिसे तोड़ने के लिए सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पार्ट्स खरीदने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई ज़रूरी है। तीनों आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड यह भी बताता है कि निगरानी और पुनर्वास तंत्र कहीं न कहीं चूक रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में बाइक चोरी और मोबाइल लूट गैंग कैसे काम करता था?
यह गिरोह पहले मॉल, सब्जी मंडी और सर्राफा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करता था, फिर पार्किंग से बाइक चुराकर उन्हीं से मोबाइल लूट की वारदातें करता था। बाद में बाइकों को काटकर पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते थे ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस न कर सके।
नोएडा पुलिस ने कितने आरोपी गिरफ्तार किए और उनके नाम क्या हैं?
नोएडा थाना सेक्टर-113 पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — राहुल उर्फ शेरा (21 वर्ष), सनी कुमार (25 वर्ष) और वासु कैरवार (19 वर्ष)। सभी को 6 मई 2026 को ग्राम पर्थला, नोएडा से गिरफ्तार किया गया।
बरामद माल की कीमत कितनी है और क्या-क्या मिला?
बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब ₹10 लाख बताई जा रही है। इसमें 10 मोटरसाइकिल (उत्तर प्रदेश और दिल्ली नंबर की), एक बाइक के कटे हुए पार्ट्स और 4 अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं।
क्या इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज थे?
हाँ, तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा के विभिन्न थानों में वाहन चोरी, लूट और आयुध अधिनियम से जुड़े मामले पहले से दर्ज हैं। एक मामला दिल्ली पुलिस में भी पंजीकृत है।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे क्या करेगी?
पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य संभावित साथियों की तलाश जारी है। बरामद वाहनों और मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान के लिए जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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