राम मंदिर चढ़ावा चोरी: फैजाबाद बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी, वकीलों की FIR पर पुलिस चुप
सारांश
मुख्य बातें
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में वकीलों द्वारा दी गई शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज न होने पर गहरी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि उनकी शिकायत में उठाए गए तथ्य और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में उल्लेखित तथ्यों के बीच बड़ा अंतर है। एसोसिएशन ने 22 जुलाई से पहले कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
मुख्य घटनाक्रम
2 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक गठन समिति बनाकर मामले की विस्तृत जांच की और एक रिपोर्ट तैयार की, जिसमें कई लोगों को दोषी पाया गया। एसोसिएशन ने इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों को शिकायत की प्रतियां सौंपीं, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि बुधवार को हुई बैठक में यह तय किया गया कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल रामजन्मभूमि थाने जाकर ट्रस्ट की एफआईआर की प्रति माँगेगा और पुलिस अधीक्षक से मिलकर नई एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेगा।
वकीलों के आरोप और दावे
एसोसिएशन की कोर कमेटी के सदस्य और अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत में जिन तथ्यों का उल्लेख है, वे ट्रस्ट की एफआईआर में दर्ज तथ्यों से मेल नहीं खाते। उन्होंने दावा किया कि शिकायत में बरामदगी के दावों पर भी सवाल उठाए गए थे और कथित तौर पर जैसी बरामदगी का उल्लेख किया गया, वैसी कोई वास्तविक बरामदगी नहीं हुई।
सौरभ मिश्रा ने यह भी कहा कि शिकायत में चंपत राय, गोपाल दास और अनिल मिश्रा के संबंध में भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, एसआईटी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई, जबकि उसी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई।
अधिवक्ता संजीव दुबे की चेतावनी
अधिवक्ता संजीव दुबे ने कहा कि इस मामले में पहले भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही कोई आधिकारिक सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में लगातार नए नाम जोड़े जा रहे हैं। दुबे ने स्पष्ट किया कि यदि किसी दानपात्र से धन बरामद होता है, तो उसकी जवाबदेही संबंधित लोगों की भी बनती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 22 जुलाई से पहले जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, तो बार एसोसिएशन ट्रस्ट की बैठक स्थल पर जाकर घेराव करेगा।
आगे क्या होगा
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वह नई एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि उनकी गठित समिति और अधिवक्ताओं की माँग है कि उनकी शिकायत पर अलग से एफआईआर दर्ज हो और जांच प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल किया जाए। यह मामला अयोध्या में धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर व्यापक बहस को जन्म दे रहा है।