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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: फैजाबाद बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी, वकीलों की FIR पर पुलिस चुप

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: फैजाबाद बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी, वकीलों की FIR पर पुलिस चुप

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद के वकीलों की शिकायत पर एफआईआर न होने से बार एसोसिएशन में आक्रोश है। अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने 22 जुलाई से पहले कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन और ट्रस्ट बैठक के घेराव की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

2 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला उजागर हुआ था।
फैजाबाद बार एसोसिएशन की शिकायत पर अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया कि वकीलों की शिकायत और ट्रस्ट की एफआईआर के तथ्यों में बड़ा अंतर है।
शिकायत में चंपत राय , गोपाल दास और अनिल मिश्रा पर सवाल उठाए गए हैं।
एसोसिएशन अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने 22 जुलाई से पहले एफआईआर न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रामजन्मभूमि थाने जाकर ट्रस्ट की एफआईआर की प्रति माँगेगा।

फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में वकीलों द्वारा दी गई शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज न होने पर गहरी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि उनकी शिकायत में उठाए गए तथ्य और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में उल्लेखित तथ्यों के बीच बड़ा अंतर है। एसोसिएशन ने 22 जुलाई से पहले कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

मुख्य घटनाक्रम

2 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक गठन समिति बनाकर मामले की विस्तृत जांच की और एक रिपोर्ट तैयार की, जिसमें कई लोगों को दोषी पाया गया। एसोसिएशन ने इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों को शिकायत की प्रतियां सौंपीं, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि बुधवार को हुई बैठक में यह तय किया गया कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल रामजन्मभूमि थाने जाकर ट्रस्ट की एफआईआर की प्रति माँगेगा और पुलिस अधीक्षक से मिलकर नई एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेगा।

वकीलों के आरोप और दावे

एसोसिएशन की कोर कमेटी के सदस्य और अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत में जिन तथ्यों का उल्लेख है, वे ट्रस्ट की एफआईआर में दर्ज तथ्यों से मेल नहीं खाते। उन्होंने दावा किया कि शिकायत में बरामदगी के दावों पर भी सवाल उठाए गए थे और कथित तौर पर जैसी बरामदगी का उल्लेख किया गया, वैसी कोई वास्तविक बरामदगी नहीं हुई।

सौरभ मिश्रा ने यह भी कहा कि शिकायत में चंपत राय, गोपाल दास और अनिल मिश्रा के संबंध में भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, एसआईटी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई, जबकि उसी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई।

अधिवक्ता संजीव दुबे की चेतावनी

अधिवक्ता संजीव दुबे ने कहा कि इस मामले में पहले भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही कोई आधिकारिक सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में लगातार नए नाम जोड़े जा रहे हैं। दुबे ने स्पष्ट किया कि यदि किसी दानपात्र से धन बरामद होता है, तो उसकी जवाबदेही संबंधित लोगों की भी बनती है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 22 जुलाई से पहले जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, तो बार एसोसिएशन ट्रस्ट की बैठक स्थल पर जाकर घेराव करेगा।

आगे क्या होगा

फैजाबाद बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वह नई एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि उनकी गठित समिति और अधिवक्ताओं की माँग है कि उनकी शिकायत पर अलग से एफआईआर दर्ज हो और जांच प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल किया जाए। यह मामला अयोध्या में धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर व्यापक बहस को जन्म दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राम मंदिर जैसी संस्था, जो जन-आस्था और करोड़ों के दान पर टिकी है, उसमें किसी भी वित्तीय अनियमितता की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है — न कि चयनात्मक। यदि पुलिस और प्रशासन दबाव में चुप्पी साधे रहते हैं, तो यह विश्वास का संकट और गहरा होगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला क्या है?
2 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने अपनी जांच समिति बनाकर रिपोर्ट तैयार की और संबंधित अधिकारियों को शिकायत सौंपी, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
फैजाबाद बार एसोसिएशन ट्रस्ट की एफआईआर से क्यों असंतुष्ट है?
अधिवक्ता सौरभ मिश्रा के अनुसार, वकीलों की शिकायत में उठाए गए तथ्य और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के तथ्यों में काफी अंतर है। उनका आरोप है कि बरामदगी के दावे भी वास्तविकता से मेल नहीं खाते और एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
बार एसोसिएशन ने किन लोगों पर सवाल उठाए हैं?
एसोसिएशन की शिकायत में कथित तौर पर चंपत राय, गोपाल दास और अनिल मिश्रा के संबंध में सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि इन लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
बार एसोसिएशन ने आगे क्या कदम उठाने की चेतावनी दी है?
एसोसिएशन अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि 22 जुलाई से पहले एफआईआर दर्ज न होने पर आंदोलन उग्र किया जाएगा। एक प्रतिनिधिमंडल रामजन्मभूमि थाने जाएगा, पुलिस अधीक्षक से मिलेगा और ट्रस्ट की बैठक स्थल पर घेराव किया जाएगा।
क्या एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है?
नहीं। अधिवक्ता सौरभ मिश्रा के अनुसार, एसआईटी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उसी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई। वकीलों की मांग है कि रिपोर्ट को पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए और उनकी शिकायत पर अलग से जांच हो।
राष्ट्र प्रेस
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