राम जन्मभूमि ट्रस्ट चंदा विवाद: अयोध्या वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव पर FIR की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चंदे से जुड़े विवाद ने 2 जुलाई को तूल पकड़ लिया, जब फैजाबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में जिला अदालत के बड़ी संख्या में वकील राम जन्मभूमि पुलिस थाने की ओर मार्च करते हुए निकले। वकीलों की माँग थी कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों — चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव — के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
मार्च और पुलिस की रोक
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में वकील कचहरी परिसर से रवाना हुए। मार्च के दौरान सड़कों पर 'जय श्री राम' के नारे गूंजते रहे। हालाँकि, सिविल लाइंस पुलिस चौकी के समीप पहुँचते ही पुलिस ने इस मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद अधिकांश वकील कचहरी परिसर वापस लौट गए, जबकि कुछ वकीलों को चौकी पर ही रोका गया।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष का कड़ा रुख
अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'जब तक एफआईआर की प्रति हमारे हाथ में नहीं आती, हम संतुष्ट नहीं होंगे।' उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएँगे।
एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
बार एसोसिएशन के अनुसार, सिविल लाइंस चौकी पर एफआईआर लिखने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में था। अधिवक्ताओं ने कहा कि वे इसी माँग को लेकर एकजुट हुए हैं और तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विरोध प्रदर्शन राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में चंदे के कथित दुरुपयोग या अनियमितता को लेकर उठे सवालों की पृष्ठभूमि में हुआ है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विभिन्न हलकों में सवाल उठाए जाते रहे हैं। वकीलों का यह कदम इस विवाद को एक नई कानूनी दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की राह
वकीलों ने साफ कर दिया है कि एफआईआर की प्रति मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यदि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी की, तो कालिका प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी में है। इस घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।