13 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: थाना राम जन्मभूमि पहुंचे वकील, एफआईआर न दर्ज होने पर बोले — 'झुकेंगे नहीं'

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: थाना राम जन्मभूमि पहुंचे वकील, एफआईआर न दर्ज होने पर बोले — 'झुकेंगे नहीं'

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने थाना राम जन्मभूमि पहुंचकर एफआईआर की माँग की, लेकिन पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश का हवाला देते हुए अलग एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। वकीलों ने आगे की लड़ाई का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

फैजाबाद बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल 13 जुलाई को थाना राम जन्मभूमि, अयोध्या पहुंचा।
पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अलग एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी — मामले में एक एफआईआर पहले से दर्ज है।
बार एसोसिएशन ने चंपत राय , अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया था।
वकील तरुण जीत वर्मा और राज कपूर सिंह ने आगे घेराव व प्रदर्शन की चेतावनी दी।
प्रतिनिधिमंडल अब पुलिस अधीक्षक से मिलकर आगे की रणनीति तय करेगा।

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने 13 जुलाई को थाना राम जन्मभूमि पहुंचकर अपनी शिकायत पर दर्ज एफआईआर की स्थिति जानने की कोशिश की। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अलग एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, क्योंकि इस मामले में एक एफआईआर पहले से मौजूद है। वकीलों ने इस जवाब को अस्वीकार करते हुए आगे की कानूनी और सामूहिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुख्य घटनाक्रम

फैजाबाद बार एसोसिएशन ने कुछ दिन पहले चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के विरुद्ध शिकायती आवेदन दिया था। कोई ठोस कार्रवाई न होने पर वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल सीधे थाना राम जन्मभूमि पहुंचा। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को एक लिखित दस्तावेज सौंपा, जिसमें अब तक हुई कार्रवाई का ब्यौरा था — लेकिन वकील इससे संतुष्ट नहीं हुए।

वकीलों की प्रतिक्रिया

तरुण जीत वर्मा, वरिष्ठ वकील और निर्मोही अखाड़ा, अयोध्या के अधिवक्ता, ने मीडिया से कहा कि 'हम सभी अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी लेने आए थे, लेकिन बताया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रतिनिधिमंडल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से मिलने के बाद पुलिस कप्तान से भेंट करेगा और आगे की रणनीति तय करेगा।

वकील राज कपूर सिंह ने दो टूक कहा, 'हम इस मामले में झुकने वाले नहीं हैं। बिना लड़ाई के कुछ हासिल होने वाला नहीं है। हम चुप बैठने वाले नहीं हैं — हमसे जो भी हो सकेगा, हम करने के लिए तैयार हैं।'

पुलिस का पक्ष

थाना राम जन्मभूमि की पुलिस का कहना है कि इस मामले में एक एफआईआर पहले से दर्ज है, इसलिए एक और एफआईआर दर्ज करने का कोई आधार नहीं बनता। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। पुलिस ने वकीलों को कार्रवाई का लिखित विवरण भी सौंपा।

आम जनता और धार्मिक संस्थाओं पर असर

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर देशभर में आस्था का केंद्र बना हुआ है। चढ़ावे में कथित अनियमितता की खबरें धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर रही हैं। गौरतलब है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े नामों के विरुद्ध शिकायत दर्ज होना और पुलिस का एफआईआर से इनकार — दोनों ही इस प्रकरण को संवेदनशील बनाते हैं।

क्या होगा आगे

वकील अब बार एसोसिएशन अध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद घेराव, प्रदर्शन या अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे। यदि पुलिस अधीक्षक स्तर पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो न्यायिक हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट नहीं करता जो स्वतंत्र जाँच चाहते हैं। गौरतलब है कि जिन नामों के विरुद्ध शिकायत दी गई है, वे मंदिर ट्रस्ट से जुड़े हैं — ऐसे में जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वकीलों का आंदोलन यदि न्यायिक मंच तक पहुंचा, तो यह मामला मंदिर प्रशासन की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितता को लेकर फैजाबाद बार एसोसिएशन ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के विरुद्ध शिकायती आवेदन दिया है। वकीलों का आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है और इसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए।
पुलिस ने वकीलों की एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की?
थाना राम जन्मभूमि पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक एफआईआर पहले से दर्ज है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दूसरी एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। पुलिस ने वकीलों को कार्रवाई का लिखित विवरण भी सौंपा।
वकील अब आगे क्या करेंगे?
फैजाबाद बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष से मुलाकात के बाद पुलिस अधीक्षक से मिलेगा। यदि वहाँ भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो घेराव, प्रदर्शन या न्यायिक हस्तक्षेप के विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
इस मामले में किन लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई है?
बार एसोसिएशन ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के विरुद्ध थाना राम जन्मभूमि में शिकायती आवेदन दिया था। ये तीनों राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े नाम हैं।
इस विवाद का राम मंदिर प्रबंधन पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि यह मामला न्यायालय तक पहुंचता है, तो राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता पर सार्वजनिक जाँच का दबाव बढ़ सकता है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मुद्दे की राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रतिध्वनि होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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