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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: अजय राय ने SIT जांच को नकारा, हाईकोर्ट जज से जांच की मांग

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: अजय राय ने SIT जांच को नकारा, हाईकोर्ट जज से जांच की मांग

सारांश

चंदा और जमीन विवाद के बाद अब राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप — UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने SIT जांच को नाकाफी बताते हुए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की माँग की। अयोध्या में मंदिर परिसर की अव्यवस्था और दिल्ली तक फैले कथित भ्रष्टाचार के तार — सियासत एक बार फिर तेज।

मुख्य बातें

UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 18 जून 2026 को राम मंदिर परिसर में अव्यवस्था और चढ़ावा चोरी के आरोप लगाए।
राय ने दावा किया कि चंदा और जमीन के बाद अब चढ़ावे की चोरी हो रही है और इसके तार दिल्ली से जुड़े हैं।
एसआईटी जांच को अपर्याप्त बताते हुए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की माँग की गई।
मंत्री ओपी राजभर के विपक्षी सांसदों के संपर्क में होने के दावों पर राय ने उनकी बर्खास्तगी की माँग की।
राहुल गांधी का जन्मदिन अनाथालय, वृद्धाश्रम और यतीम खानों में मनाने की घोषणा की गई।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 18 जून 2026 को अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में कथित अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राय ने आरोप लगाया कि चंदा और जमीन विवाद के बाद अब मंदिर में चढ़ावे की चोरी हो रही है, और इस पूरे मामले की जांच एसआईटी के बजाय हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए।

मंदिर परिसर में अव्यवस्था के आरोप

अजय राय ने कहा कि वे हनुमान गढ़ी दर्शन के बाद राम मंदिर भी गए, जहाँ उन्हें व्यापक अव्यवस्था दिखाई दी। उन्होंने कहा, 'इतनी भीषण गर्मी में मंदिर परिसर में चलते वक्त लोगों के पैर जल रहे थे, कहीं कोई कालीन नहीं दिखाई दी।' उनके अनुसार, बाहर से ही भ्रष्टाचार के संकेत स्पष्ट थे।

चंदा, जमीन और अब चढ़ावे की चोरी का आरोप

राय ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि मंदिर परिसर में काफी समय से भ्रष्टाचार जारी है और इसमें कथित तौर पर कई बड़े लोग शामिल हैं, जिनके तार दिल्ली से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से इन लोगों ने चंदा चोरी की, फिर जमीन की चोरी और अब चढ़ावा चोरी कर रहे हैं — चढ़ावे का कोई हिसाब नहीं होता, लोग बहुत कुछ दान कर देते हैं और ये लोग उसे चुरा रहे हैं।' गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों पर पहले से ही राजनीतिक बहस जारी है।

SIT जांच पर आपत्ति, हाईकोर्ट जज से जांच की मांग

राय ने मामले की एसआईटी जांच को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि जांच में शामिल अधिकारियों की खुद की जांच चल रही है, इसलिए उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट रूप से माँग की कि हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इस पूरे मामले की जांच कराई जाए। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की माँग न्यायिक निगरानी के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाती है।

मंत्री ओपी राजभर और राजनीतिक उठापटक पर प्रतिक्रिया

यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर के कांग्रेस-सपा के 20 सांसदों के संपर्क में होने के दावों पर राय ने कहा कि ऐसे मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'ये खुद को लोगों के संपर्क में घूम रहे हैं, इनके संपर्क में कोई सांसद नहीं है।' साथ ही उन्होंने यूपी में कई नेताओं के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद राजनीति का व्यवसायीकरण हो गया है।

राहुल गांधी का जन्मदिन और कांग्रेस का सामाजिक संदेश

राय ने यह भी घोषणा की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जन्मदिन अनाथालय, वृद्धाश्रम और यतीम खानों में मनाया जाएगा तथा पार्टी की ओर से इन संस्थाओं को यथासंभव सहयोग भी दिया जाएगा। राम मंदिर विवाद पर उठे इन सवालों के जवाब में ट्रस्ट या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अजय राय का हाईकोर्ट जज से जांच की माँग करना यह संकेत देता है कि एसआईटी जैसी कार्यकारी-नियंत्रित जांच एजेंसियों पर जनता और विपक्ष का भरोसा कमज़ोर हो रहा है। चंदा, जमीन और अब चढ़ावे की चोरी के आरोपों की यह क्रमिक शृंखला बताती है कि मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता एक स्थायी राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बयानबाज़ी पर टिक जाती है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या मंदिर ट्रस्ट के पास चढ़ावे का कोई स्वतंत्र ऑडिट तंत्र है — जो अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन के कथित आरोप सामने आए हैं। UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि चंदा और जमीन विवाद के बाद अब मंदिर में दान की गई राशि की चोरी हो रही है और इसमें बड़े लोग शामिल हैं।
अजय राय ने SIT जांच पर आपत्ति क्यों जताई?
अजय राय का कहना है कि जांच में शामिल अधिकारियों की खुद की जांच चल रही है, इसलिए एसआईटी से निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की माँग की है ताकि जांच स्वतंत्र और विश्वसनीय हो।
राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं?
कांग्रेस नेता अजय राय ने तीन स्तरों पर आरोप लगाए हैं — पहले चंदा चोरी, फिर जमीन की अनियमितता, और अब चढ़ावे की चोरी। उनके अनुसार इन सबके तार दिल्ली तक जुड़े हैं और कई बड़े लोग इसमें शामिल बताए जा रहे हैं।
मंत्री ओपी राजभर के बारे में अजय राय ने क्या कहा?
अजय राय ने कहा कि यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर के कांग्रेस-सपा के 20 सांसदों के संपर्क में होने के दावों के मद्देनज़र ऐसे मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये मंत्री अपने लोगों को बर्बाद कर रहे हैं।
क्या राम मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक राम मंदिर ट्रस्ट या राज्य सरकार की ओर से अजय राय के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। मामले की जांच एसआईटी के ज़रिए जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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