12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर प्रबंधन पर कांग्रेस के अजय राय का हमला — CEO नहीं, संत-धर्माचार्य हों जिम्मेदार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर प्रबंधन पर कांग्रेस के अजय राय का हमला — CEO नहीं, संत-धर्माचार्य हों जिम्मेदार

सारांश

कांग्रेस के UP अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या पहुँचकर राम मंदिर में CEO की भूमिका को चुनौती दी और चढ़ावा चोरी मामले में SIT की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया। यह दौरा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मंदिर, कानून-व्यवस्था और रोजगार केंद्रित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस UP अध्यक्ष अजय राय ने 12 अगस्त को अयोध्या पहुँचकर राम मंदिर प्रबंधन पर BJP सरकार को घेरा।
राय ने माँग की कि मंदिर में CEO की जगह संत और धर्माचार्य व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालें।
चढ़ावा चोरी मामले में गठित SIT की कार्रवाई को उन्होंने 'खानापूर्ति' करार दिया और दोषियों की गिरफ्तारी की माँग की।
गोरखपुर में ब्राह्मण युवक की हत्या का हवाला देते हुए प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
राय के आरोपों पर BJP की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार, 12 अगस्त को अयोध्या पहुँचकर राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने माँग की कि मंदिर प्रबंधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की जगह संतों और धर्माचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी जाए, क्योंकि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

मंदिर व्यवस्था पर मुख्य आरोप

अयोध्या एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में राय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर को आस्था के केंद्र के बजाय कमाई का जरिया बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक नगरी की गरिमा और परंपरा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएँ संचालित होनी चाहिए, न कि प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में।

गौरतलब है कि राय के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सुर्खियों में है और इसकी जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया जा चुका है।

चढ़ावा चोरी मामले पर SIT की कार्रवाई पर सवाल

राय ने SIT की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए कहा कि अब तक की गई कार्रवाई महज खानापूर्ति है। उनके अनुसार, चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितता और पूरे प्रकरण में संलिप्तता के आरोपी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल जाँच के नाम पर मामले को खींचना पर्याप्त नहीं है — पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को सामने लाया जाए।

कानून-व्यवस्था और रोजगार भी निशाने पर

राय ने गोरखपुर में तलवार से एक ब्राह्मण युवक की हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बढ़े हैं और आम जनता में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था पर जवाबदेही तय करने की माँग की।

आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में राय ने कहा कि कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, युवाओं का भविष्य और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाएँ — ये सभी मुद्दे चुनावी एजेंडे में प्रमुख रहेंगे।

BJP-RSS पर आरोप, भाजपा की चुप्पी

BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए राय ने आरोप लगाया कि उनकी नीतियों के कारण अयोध्या की पवित्रता और धार्मिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। हालाँकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई विशिष्ट तथ्य या दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए। राय के बयानों पर BJP की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

चुनावी रणनीति का हिस्सा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का यह दौरा और बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें मंदिर प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों को एक साथ उठाया जा रहा है। राय ने दावा किया कि प्रदेश में लोग कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ जुड़ रहे हैं और आने वाले चुनाव में इसका असर दिखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल चुनावी मौसम की बयानबाजी बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय राय ने राम मंदिर में CEO की जगह धर्माचार्यों की माँग क्यों की?
अजय राय का तर्क है कि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहाँ की व्यवस्थाएँ प्रशासनिक अधिकारियों के बजाय संतों और धर्माचार्यों के नेतृत्व में होनी चाहिए। उनके अनुसार मंदिर की धार्मिक गरिमा और परंपरा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है और SIT क्या कर रही है?
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों के बाद एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया गया है। कांग्रेस के अजय राय ने SIT की कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
क्या BJP ने अजय राय के आरोपों का जवाब दिया?
राय के बयानों के बाद BJP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। पार्टी ने उनके किसी भी आरोप का खंडन या समर्थन नहीं किया।
अजय राय के इस दौरे का आगामी विधानसभा चुनाव से क्या संबंध है?
राजनीतिक विश्लेषक इस दौरे को कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसमें मंदिर प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को एक साथ उठाया जा रहा है। राय ने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के साथ जुड़ रही है।
गोरखपुर हत्याकांड का राम मंदिर विवाद से क्या संबंध है?
अजय राय ने गोरखपुर में तलवार से एक ब्राह्मण युवक की हत्या का उल्लेख कानून-व्यवस्था के व्यापक मुद्दे के तहत किया। उन्होंने इसे राम मंदिर विवाद से अलग, लेकिन BJP सरकार की विफलताओं के एक और उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले