राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अजय राय का आरोप — एसआईटी दोषियों को बचा रही है, HC जज से जांच हो
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है और जांच को बार-बार समय देना इसी षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी कार्यरत न्यायाधीश से समयबद्ध तरीके से कराई जाए।
अयोध्या यात्रा में नजरबंदी पर कांग्रेस का पलटवार
राय ने कहा कि अयोध्या यात्रा से पहले उन्हें और उनके साथियों को हाउस अरेस्ट किया गया, जिसे उन्होंने चढ़ावा चोरी मामले को दबाने की कोशिश करार दिया। उनके अनुसार, 'हम भगवान श्रीराम का दर्शन करना चाहते थे, फिर भी रोका गया — यह साबित करता है कि व्यवस्था में लगे लोग इस मामले को छुपाने में लगे हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के स्थानीय निवासी खुलकर चढ़ावा चोरी की बात कर रहे हैं।
एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल
राय ने एसआईटी अध्यक्ष विजय विश्वास पंत पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंत महाकुंभ भगदड़ के दौरान भी जिम्मेदार पद पर थे और उस घटना के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। राय के अनुसार, 'एसआईटी को बार-बार समय देना यह दर्शाता है कि जांच सरकार के दबाव में चल रही है।' उन्होंने मांग की कि उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश से समयबद्ध जांच कराई जाए।
मंदिर प्रबंधन और साधु-संतों की भूमिका
महंत धर्मदास के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने राम मंदिर का संचालन साधु-संतों को सौंपने की वकालत की थी — राय ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि चारों पीठ के शंकराचार्यों और धर्म गुरुओं से विचार-विमर्श कर किसी संत को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जाए और अयोध्यावासियों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिले।
महाकाल मंदिर और बांके बिहारी मंदिर पर गंभीर आरोप
राय ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में हुई निर्माण गड़बड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि आंधी में सप्तऋषि की मूर्तियाँ और नंदी की प्रतिमाएँ गिर गईं, जो कथित तौर पर घटिया निर्माण का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि काम गुजरात के ठेकेदारों को दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि मथुरा-वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के ट्रस्ट के धन से 25 रजिस्ट्रियाँ कराई गई हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार मंदिर के धन का सरकारी उपयोग वर्जित है।
वक्फ संपत्ति और समयसीमा विस्तार
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज अपलोड करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग पर राय ने कहा कि यदि संबंधित पक्षों को अधिक समय चाहिए तो वह मिलना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई कड़ा विरोध दर्ज नहीं कराया। आने वाले दिनों में कांग्रेस इन सभी मुद्दों को विधानसभा और सड़क — दोनों मंचों पर उठाने की तैयारी में है।