राम मंदिर चंदा विवाद: अजय राय बोले — SIT महज दिखावा, नृपेंद्र मिश्रा-चंपत राय पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 19 जून 2026 को लखनऊ में कहा कि श्री राम मंदिर चंदा विवाद की जाँच के लिए गठित एसआईटी (SIT) केवल दिखावा है और योगी सरकार जानबूझकर असली दोषियों पर कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने सीधा सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वास्तव में जवाबदेही चाहते हैं, तो नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय के खिलाफ अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।
योगी के अयोध्या दौरे पर तंज
अजय राय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा महज राजनीतिक प्रतिक्रिया थी। उन्होंने कहा, 'मैं एक दिन पहले अयोध्या गया था, हनुमानगढ़ी के दर्शन किए और भगवान राम की पूजा-अर्चना की। जैसे ही मुख्यमंत्री को पता चला कि कांग्रेस वहाँ पहुँच चुकी है, वे अगले दिन वहाँ पहुँचे।' राय ने सवाल किया कि राज्य के मुखिया होने के नाते उनकी यह जिम्मेदारी पहले क्यों नहीं निभाई गई।
चंदा विवाद और SIT पर आरोप
अजय राय ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर मंदिर के चंदे की लूट के गंभीर आरोप हैं, लेकिन सरकार खानापूर्ति में लगी है। उनके अनुसार, एसआईटी का गठन लोगों को गुमराह करने का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि जब तक नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय जैसे नामों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक जाँच की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न बना रहेगा। गौरतलब है कि यह विवाद पिछले कई महीनों से राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
अनाथालय में राहुल गांधी का जन्मदिन
इसी दिन अजय राय लखनऊ के मोतीनगर, ऐशबाग स्थित 'श्रीमद् दयानंद बाल सदन अनाथालय' पहुँचे, जहाँ उन्होंने वहाँ रह रहे बच्चों के साथ राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया। बच्चों के बीच केक काटा गया, मिठाइयाँ बाँटी गईं और उनके साथ समय बिताया गया।
राय ने कहा, 'राजनीति का असली अर्थ सत्ता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है। इन बच्चों की आँखों में जो खुशी दिखी, वही हमारे नेता के लिए सबसे अनमोल उपहार है।'
परशुराम प्रतीक पर प्रतिक्रिया
वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में चित्रित करने और दूध से अभिषेक करने पर अजय राय ने कहा कि यह कार्यकर्ताओं का अपने नेता के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी दमन और अन्याय हो रहा है, वहाँ राहुल गांधी एक सेवक के रूप में आगे खड़े हैं।
राय ने आगे कहा कि राहुल गांधी आम आदमी और किसान की आवाज उठा रहे हैं और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है और राम मंदिर विवाद को एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने पर जोर दे रही है।