राम मंदिर चंदा विवाद: अजय राय ने पूछा — चंपत राय, अनिल मिश्रा पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 18 सितंबर 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चंदा विवाद पर योगी सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोविंद गिरी पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रोज़गार संबंधी बयान को 'झूठ का पुलिंदा' करार देते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार 'रोज़गार देने में नहीं, बल्कि झूठ बोलने में माहिर है।'
राम मंदिर चंदा विवाद पर सीधा हमला
अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं कहा था कि वे पूरे मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' करेंगे। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या वास्तव में ऐसा हुआ? राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए CEO की नियुक्ति तो हो गई, लेकिन विवाद के केंद्र में रहे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोविंद गिरी पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई का अभी तक कोई ठोस ब्यौरा सामने नहीं आया है।
राय ने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों ने 'चढ़ावे के पैसे की चोरी की और उसका आनंद उठा रहे हैं।' गौरतलब है कि यह विवाद राम मंदिर निर्माण के लिए जनता से एकत्रित चंदे के कथित दुरुपयोग को लेकर पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।
चुनाव से पहले रोज़गार वादों पर कांग्रेस का तंज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अजय राय ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहा है, सत्तारूढ़ दल 'नौकरी देने के वादे और झूठे आश्वासन' फिर से देने लगेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता इन नेताओं को पहचान चुकी है और 'इनकी दाल गलने वाली नहीं।'
कांग्रेस की जनसंपर्क रणनीति का उल्लेख करते हुए राय ने बताया कि उनकी पार्टी गोरखपुर, आजमगढ़, अयोध्या, वाराणसी और सुल्तानपुर समेत उन तमाम क्षेत्रों में लगातार सक्रिय है जहाँ कथित तौर पर सरकारी अत्याचार की शिकायतें हैं।
इकबाल अंसारी की अपील — पुरानी बातें छोड़ें, एकता अपनाएँ
इस बीच, बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के राम जन्मभूमि फैसले पर दिए गए बयान को लेकर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का वह फैसला देशभर के लोगों ने सम्मान के साथ स्वीकार किया और देश में कहीं भी कोई अशांति नहीं हुई।
अंसारी ने अयोध्या के निवासी के तौर पर कहा कि 'मंदिर बनकर तैयार हो गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँच रहे हैं।' उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से 'मिल-जुलकर रहने और पुरानी बातों को उठाने से बचने' की अपील की। उनकी यह टिप्पणी 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना पर बल देती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राम मंदिर चंदा विवाद उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बना रहेगा, खासकर जब ट्रस्ट प्रशासन पर पारदर्शिता के सवाल अनुत्तरित हैं। आलोचकों का कहना है कि जब तक नामित व्यक्तियों पर जाँच का परिणाम सार्वजनिक नहीं होता, तब तक यह मुद्दा विपक्ष के लिए प्रभावी हथियार बना रहेगा।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को चुनावी अभियान का केंद्रीय हिस्सा बनाएगी। योगी सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO की भूमिका और ट्रस्ट की आंतरिक कार्यप्रणाली पर आने वाले महीनों में और अधिक ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।