18 सितंबर 2026
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कोलकाता जमीन घोटाला: ईडी ने अमित गांगुली को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया, 4 दिन की कस्टडी

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कोलकाता जमीन घोटाला: ईडी ने अमित गांगुली को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया, 4 दिन की कस्टडी

सारांश

कोलकाता जमीन घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई — गांगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमित गांगुली को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर 4 दिन की कस्टडी मिली। करीब 23 एफआईआर और जाली दस्तावेजों से संपत्ति हड़पने का कथित रैकेट उजागर।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 सितंबर 2026 को गांगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमित गांगुली को पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया।
कोलकाता के विचार भवन स्पेशल कोर्ट ने 16 सितंबर को ईडी को 4 दिन की हिरासत प्रदान की।
आरोपी पर जाली सेल डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी, गिफ्ट डीड समेत फर्जी दस्तावेजों से संपत्तियाँ हड़पने का आरोप है।
आरोपी के विरुद्ध पश्चिम बंगाल पुलिस की कुल लगभग 23 एफआईआर दर्ज हैं।
ईडी ने 28 मार्च को छापेमारी में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 15 सितंबर 2026 को जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गांगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमित गांगुली को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई निवेशकों और जमीन मालिकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है।

गिरफ्तारी और न्यायिक कस्टडी

गिरफ्तारी के अगले दिन, 16 सितंबर 2026 को, अमित गांगुली को कोलकाता के विचार भवन स्थित स्पेशल कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने ईडी को 4 दिन की हिरासत प्रदान की, जिससे एजेंसी को पूछताछ और जांच आगे बढ़ाने का अवसर मिला।

मामले की पृष्ठभूमि और जांच का आधार

ईडी ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकियों (एफआईआर) के आधार पर शुरू की थी। ये एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी, 419, 420, 423, 467 और 471 के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस से संबंधित हैं। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कुल करीब 23 एफआईआर दर्ज हैं।

धोखाधड़ी का तरीका

ईडी की जांच में कथित तौर पर खुलासा हुआ है कि अमित गांगुली अपने सहयोगियों और विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर जाली एवं मनगढ़ंत दस्तावेजों — जैसे सेल डीड, एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी, गिफ्ट डीड, बोर्ड रिजॉल्यूशन — के जरिए लोगों की बहुमूल्य अचल संपत्तियों पर अवैध कब्जा जमाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, असली मालिकों के अधिकारों में हस्तक्षेप के लिए जमीन और म्युनिसिपल रिकॉर्ड में भी हेरफेर की जाती थी।

आरोपी पर यह भी आरोप है कि वह जमीन मालिकों के साथ जॉइंट वेंचर (जेवी) कर डेवलपमेंट राइट्स हासिल करता था और बाद में जानबूझकर जमीन मालिकों को उनका कानूनी हिस्सा नहीं देता था। ऐसी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन और संपत्ति अधिकारों को पीएमएलए के तहत 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' माना गया है।

मार्च में छापेमारी से मिले सुराग

ईडी ने इससे पहले 28 मार्च को अमित गांगुली के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। जब्त सामग्री की जांच से कथित तौर पर यह भी सामने आया कि रियल एस्टेट परियोजनाओं और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े मामलों में आरोपी का विभिन्न स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रभाव था।

आगे की कार्रवाई

ईडी की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद मामले की अगली सुनवाई स्पेशल कोर्ट में होगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में रियल एस्टेट से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की बढ़ती जांचों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिन पर केंद्रीय एजेंसियों की नज़र तेज हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ जमीन से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। करीब 23 एफआईआर और मार्च की छापेमारी के बाद हुई यह गिरफ्तारी बताती है कि जांच में ठोस साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। हालांकि असली परीक्षा यह होगी कि क्या ईडी आरोपों को अदालत में साबित कर पाती है और पीड़ित जमीन मालिकों को उनकी संपत्ति वापस दिलाई जा सकती है — क्योंकि अतीत में ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया वर्षों तक खिंचती रही है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित गांगुली को ईडी ने किस आरोप में गिरफ्तार किया?
अमित गांगुली को ईडी ने जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए निवेशकों और जमीन मालिकों की अचल संपत्तियों को अवैध रूप से हासिल करने और ट्रांसफर करने का आरोप है।
कोर्ट ने ईडी को कितने दिन की कस्टडी दी?
कोलकाता के विचार भवन स्थित स्पेशल कोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को अमित गांगुली को ईडी की 4 दिन की हिरासत में भेजा। इस दौरान ईडी आगे की पूछताछ और जांच करेगी।
गांगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड का घोटाला क्या था?
जांच एजेंसी के अनुसार, अमित गांगुली अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जाली सेल डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी, गिफ्ट डीड और बोर्ड रिजॉल्यूशन जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों की बहुमूल्य संपत्तियाँ हड़प लेता था। वह जमीन मालिकों के साथ जॉइंट वेंचर कर डेवलपमेंट राइट्स लेता था और फिर उन्हें उनका कानूनी हिस्सा नहीं देता था।
ईडी ने इस मामले में पहले क्या कार्रवाई की थी?
ईडी ने 28 मार्च को अमित गांगुली के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। उसी जब्त सामग्री की जांच के आधार पर 15 सितंबर को गिरफ्तारी अमल में आई।
आरोपी के खिलाफ कितनी एफआईआर दर्ज हैं?
अधिकारियों के अनुसार, अमित गांगुली के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस में लगभग 23 एफआईआर दर्ज हैं। ये एफआईआर आईपीसी की धारा 120बी, 419, 420, 423, 467 और 471 के तहत दर्ज शेड्यूल्ड ऑफेंस से संबंधित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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