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कोलकाता: ईडी ने जाली दस्तावेजों से जमीन हड़पने वाले अमित गांगुली को गिरफ्तार किया, 23 FIR दर्ज

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कोलकाता: ईडी ने जाली दस्तावेजों से जमीन हड़पने वाले अमित गांगुली को गिरफ्तार किया, 23 FIR दर्ज

सारांश

कोलकाता में ईडी ने जमीन हड़पने के कई मामलों में अमित गांगुली को गिरफ्तार किया — जिस पर पहले से 23 FIR दर्ज हैं। साथ ही अमृत ग्रुप के 17 ठिकानों पर छापे और नारकेलडांगा में चिट फंड घोटाले की जाँच में छापेमारी से कोलकाता में वित्तीय अपराधों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई तेज़ हुई है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने मंगलवार की रात कोलकाता में अमित गांगुली को जमीन हड़पने और जाली दस्तावेज़ों के मामले में गिरफ्तार किया।
गांगुली पर जाली डीड, फर्जी हस्ताक्षर, भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर और जमीन मालिकों को धमकाने के आरोप हैं; पश्चिम बंगाल पुलिस उसके खिलाफ 23 FIR दर्ज कर चुकी है।
अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज के केसी दुजारी , काली किशोर बागची व अन्य के 17 ठिकानों पर कोलकाता और इंदौर में PMLA की धारा 17 के तहत तलाशी की गई।
अमृत ग्रुप पर आरोप है कि उसने जमा योजनाओं से आम जनता का पैसा लेकर वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया।
बुधवार सुबह 7 बजे CAPF जवानों के साथ उत्तरी कोलकाता के नारकेलडांगा सहित 6 स्थानों पर चिट फंड मामले में एक साथ छापेमारी की गई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोलकाता इकाई ने मंगलवार की रात जमीन हड़पने, दस्तावेज़ों में धोखाधड़ी और पावर ऑफ अटॉर्नी के दुरुपयोग से जुड़े एक गंभीर मामले में अमित गांगुली नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी पर आरोप है कि उसने जाली बोर्ड प्रस्तावों, फर्जी हस्ताक्षरों वाले बिक्री समझौतों और मनगढ़ंत दावों के आधार पर कई व्यक्तियों व संस्थाओं की संपत्तियों पर अवैध कब्जा जमाया।

मुख्य आरोप और गिरफ्तारी का आधार

अमित गांगुली पर आरोप है कि उसने जाली डीड, भूमि अभिलेखों में हेरफेर, झूठे दीवानी मुकदमों और जमीन मालिकों को धमकाने तथा मारपीट जैसे हथकंडों के जरिए संपत्तियाँ हड़पीं। पीड़ितों के कानूनी अधिकार छीनकर उन्हें उनकी ही जायदाद से बेदखल करने का आरोप है। पश्चिम बंगाल पुलिस पहले ही गांगुली के खिलाफ 23 प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर चुकी है, जो यह दर्शाता है कि धोखाधड़ी का यह सिलसिला लंबे समय से और सुनियोजित तरीके से चलता रहा है।

अमृत ग्रुप पर भी ईडी की कार्रवाई

इसके साथ ही ईडी की कोलकाता ज़ोनल ऑफिस ने कोलकाता और इंदौर में अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज के निदेशकों व प्रमोटरों — केसी दुजारी, काली किशोर बागची और अन्य — के 17 ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। आरोप है कि इस समूह ने विभिन्न जमा योजनाओं के माध्यम से आम जनता को अधिक रिटर्न का लालच देकर भारी रकम इकट्ठा की, और वादा किए गए रिटर्न का भुगतान न करके उनके साथ धोखाधड़ी की।

चिट फंड मामले में उत्तरी कोलकाता पर छापा

ईडी ने बुधवार सुबह करीब 7 बजे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के साथ उत्तरी कोलकाता के नारकेलडांगा इलाके में एक कारोबारी के आवास सहित शहर में छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के चिट फंड घोटाले की जाँच के सिलसिले में की गई। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चिट फंड और जमीन धोखाधड़ी के मामले वर्षों से जाँच एजेंसियों के रडार पर हैं।

आम जनता पर असर और आगे की राह

इन मामलों में पीड़ित वे आम लोग और छोटे निवेशक हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमापूँजी या पैतृक संपत्ति खोई है। ईडी की यह कार्रवाई संकेत देती है कि जाँच अभी जारी रहेगी और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति की कुर्की हो सकती है। फिलहाल अमित गांगुली को ईडी की हिरासत में भेजा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पश्चिम बंगाल पुलिस की 23 FIR के बावजूद गांगुली इतने वर्षों तक सक्रिय कैसे रहा। जमीन हड़पने के मामलों में स्थानीय प्रशासन और भूमि अभिलेख कार्यालयों की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है, क्योंकि जाली दस्तावेज़ बिना भीतरी मिलीभगत के शायद ही इतनी आसानी से काम करते। चिट फंड घोटाले पश्चिम बंगाल के लिए कोई नई समस्या नहीं — सारदा और रोज़वैली जैसे मामले पहले भी लाखों निवेशकों को बर्बाद कर चुके हैं। ईडी की यह कार्रवाई तब तक अधूरी रहेगी जब तक संपत्तियाँ पीड़ितों को वापस नहीं दिलाई जातीं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित गांगुली को ईडी ने क्यों गिरफ्तार किया?
ईडी ने अमित गांगुली को जमीन हड़पने, जाली दस्तावेज़ों के इस्तेमाल और पावर ऑफ अटॉर्नी के दुरुपयोग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया। उस पर कई व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियों पर फर्जी बोर्ड प्रस्तावों, जाली डीड और भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर के जरिए अवैध कब्जा करने का आरोप है।
अमित गांगुली के खिलाफ कितनी FIR दर्ज हैं?
पश्चिम बंगाल पुलिस ने अमित गांगुली के खिलाफ अब तक 23 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। यह आँकड़ा बताता है कि धोखाधड़ी और अवैध संपत्ति अधिग्रहण का यह सिलसिला लंबे समय से और बार-बार होता रहा है।
अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज पर ईडी की क्या कार्रवाई हुई?
ईडी ने कोलकाता और इंदौर में अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज के निदेशकों व प्रमोटरों — केसी दुजारी और काली किशोर बागची समेत अन्य — के 17 घरों और कार्यालयों में PMLA की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। इस समूह पर जमा योजनाओं के जरिए जनता से पैसा लेकर वादा किया गया रिटर्न न देने का आरोप है।
कोलकाता के नारकेलडांगा में ईडी ने किस मामले में छापा मारा?
ईडी ने बुधवार सुबह करीब 7 बजे CAPF जवानों के साथ नारकेलडांगा सहित उत्तरी कोलकाता में कई करोड़ रुपये के चिट फंड घोटाले की जाँच के सिलसिले में एक कारोबारी के आवास पर छापा मारा। शहर में कुल 6 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
इन मामलों में आम जनता पर क्या असर पड़ा है?
जमीन हड़पने के मामलों में पीड़ित वे लोग हैं जिनकी संपत्तियाँ जाली दस्तावेज़ों के जरिए छीनी गईं, जबकि अमृत ग्रुप के मामले में छोटे निवेशकों ने जमा योजनाओं में पैसा लगाकर अपनी जमापूँजी गँवाई। ईडी की जाँच से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति की कुर्की हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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