शहजाद पूनावाला का राहुल गांधी पर तंज: 'पाकिस्तान या इटली के PM बन सकते हैं, भारत में 2029 में मोदी लौटेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 18 सितंबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा और कहा कि वे भारत के नहीं, बल्कि पाकिस्तान, इटली या बैंकॉक जैसे किसी देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं — जहाँ वे कथित तौर पर अपना अधिकतर समय बिताते हैं। पूनावाला ने यह भी दावा किया कि 2029 में नरेंद्र मोदी और भी बड़े बहुमत के साथ प्रधानमंत्री चुने जाएँगे।
पूनावाला का सीधा तंज
एक विशेष बातचीत में पूनावाला ने कहा, 'राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन शायद पाकिस्तान के। अगर वे चाहें तो इटली के या उस देश के जहाँ वे अक्सर जाते हैं जैसे बैंकॉक। अगर वे वहाँ की नागरिकता ले लें तो वे उस देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, क्योंकि वे वैसे भी अपना ज़्यादातर समय विदेश में ही बिताते हैं। भारत में तो वे अपनी छुट्टियों के बीच बस थोड़े समय के लिए ही आते हैं।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाज़ी के इस दौर में ऐसे तंज असामान्य नहीं हैं।
2029 और 2034 चुनावों पर दावा
पूनावाला ने आगे कहा कि 2029 में नरेंद्र मोदी 'और भी बड़े बहुमत' के साथ प्रधानमंत्री बनेंगे, और यदि वे 2034 में भी चुनाव लड़ने का निर्णय करते हैं, तो फिर से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने यह भी कहा, 'पीएम मोदी चौथी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। जो लोग इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं, वे रोते रह सकते हैं।'
गौरतलब है कि ये दावे पूनावाला के व्यक्तिगत विचार और राजनीतिक पूर्वानुमान हैं, न कि किसी सर्वेक्षण या आधिकारिक विश्लेषण पर आधारित।
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों पर अनुमान
उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बारे में भी दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2017 से भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटेंगे। पूनावाला ने उम्मीद जताई कि BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और यहाँ तक कि पंजाब में भी सरकार बनाएगी।
BJP छोड़ने के फैसले पर सफाई
पूनावाला ने BJP से इस्तीफे के अपने फैसले का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद वे निजी क्षेत्र में लौटना चाहते थे, लेकिन उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्होंने कुछ समय और पार्टी के साथ काम जारी रखा। उन्होंने बताया कि 2021 में राजनीति में आने से पहले वे मीडिया में थे और नियमित वेतन पर कार्यरत थे।
राजनीतिक महत्व
आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान विपक्षी नेताओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की BJP की रणनीति का हिस्सा हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस समर्थकों का तर्क है कि इस तरह के व्यक्तिगत हमले जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। 2027 और 2029 के चुनावों से पहले इस तरह की बयानबाज़ी आने वाले महीनों में और तेज़ होने की संभावना है।