भाजपा छोड़ने पर शहजाद पूनावाला का खुलासा: 2024 चुनावों के बाद राजनीति छोड़ने की थी योजना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 18 सितंबर 2026 को पार्टी से इस्तीफे के पीछे की वजह सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद प्राइवेट सेक्टर में लौटने का फैसला पहले से तय था, लेकिन तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों ने उन्हें पार्टी के साथ कुछ और समय बिताने पर मजबूर किया।
राजनीति में आने और जाने की कहानी
पूनावाला ने बताया कि 2021 में जब वे भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने, उससे पहले वे मीडिया से जुड़े थे और उन्हें नियमित वेतन मिलता था। उन्होंने कहा, 'जब मैं 2021 में राजनीति में आया और 24/7 इसमें लग गया, तो मैंने हिसाब लगाया कि मेरे पास कितनी बचत है और मैं कितने सालों तक इस तरह काम कर पाऊंगा।' उनके अनुसार, जब उन्हें एहसास हुआ कि किसी राजनीतिक पार्टी में सक्रिय रहना केवल 2024 के आखिर तक ही व्यावहारिक होगा, तब उन्होंने मन बना लिया था।
उन्होंने स्पष्ट किया, 'अगर आप मेरे पुराने वीडियो और बयान देखें, तो मेरा इरादा हमेशा से यही था कि 2024 के चुनावों के बाद राजनीति छोड़ दूंगा और प्राइवेट सेक्टर में वापस चला जाऊंगा।'
240 सीटों के बाद बदला निर्णय
पूनावाला ने बताया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को मिली 240 सीटें और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम ने उन्हें रुकने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा, '240 सीटें मिलने के बाद उस अहम मोड़ पर पार्टी छोड़ना सही नहीं लगा। राज्यों के महत्वपूर्ण चुनाव भी सामने थे।' उनके अनुसार, आखिरकार बंगाल चुनावों के बाद उन्होंने तय किया कि अब प्राइवेट सेक्टर में जाने का समय आ गया है।
पद नहीं, मिशन के लिए काम
पूनावाला ने जोर देकर कहा कि राजनीति में उनका लक्ष्य कभी भी कोई निर्वाचित पद हासिल करना नहीं रहा। उनके शब्दों में, 'मेरा लक्ष्य कभी भी सांसद या विधायक बनना नहीं रहा है। मैं पदों के लिए काम नहीं करता, मैं एक मिशन और विजन के लिए काम करता हूं। मैं टाइटल या पदों के पीछे नहीं भागता; मैं अपना कद और पहचान बनाने में विश्वास रखता हूं।'
उमर खालिद डॉक्यूमेंट्री और स्वरा भास्कर पर तीखा हमला
पूनावाला ने पूर्व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिक्रिया देते हुए उन लोगों की आलोचना की जो खालिद को नायक की तरह प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम या उस्ताद बिस्मिल्लाह खान में कभी कोई हीरो नहीं दिखता, लेकिन उमर खालिद में दिखता है।'
अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा राम जन्मभूमि फैसले पर जताई गई असहमति पर भी पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था — और ये लोग संविधान बचाने की बात करते हैं।' गौरतलब है कि भास्कर ने हाल ही में बताया था कि वे फैसले के बाद सुपरस्टार शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान समेत अपनी जान-पहचान के मुसलमानों से मिलकर असहमति जताई थी।
राहुल गांधी और 2029 के चुनाव पर बयान
पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे भारत में नहीं, बल्कि किसी और देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2029 में नरेंद्र मोदी और भी बड़े अंतर से दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाएंगे, और 2027 में योगी आदित्यनाथ भी बड़े बहुमत से सत्ता में वापस लौटेंगे। ये पूनावाला के निजी राजनीतिक अनुमान हैं, जिनका सत्यापन संभव नहीं है। पार्टी से जाने के बावजूद, वे भाजपा के मिशन और विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बरकरार बताते हैं, और प्राइवेट सेक्टर से भी वैचारिक योगदान जारी रखने का संकेत देते हैं।