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शहजाद पूनावाला ने भाजपा से दिया इस्तीफा, एक्स बायो से हटाया पार्टी का नाम

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शहजाद पूनावाला ने भाजपा से दिया इस्तीफा, एक्स बायो से हटाया पार्टी का नाम

सारांश

भाजपा के मुखर राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 31 जुलाई को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और एक्स बायो से भाजपा का नाम हटा दिया — हालाँकि PM मोदी के प्रति 'आजीवन समर्थन' का उल्लेख बरकरार रखा। इस्तीफे की वजह अभी स्पष्ट नहीं, भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

मुख्य बातें

शहजाद पूनावाला ने 31 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दिया।
उन्होंने एक्स प्रोफाइल बायो से भाजपा का उल्लेख हटाया; नए बायो में 'पीएम मोदी के आजीवन अनुयायी' लिखा।
पूनावाला 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और राष्ट्रीय प्रवक्ता बने थे।
इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी सार्वजनिक नहीं; भाजपा की ओर से कोई बयान नहीं आया।
पूनावाला PM नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखे हुए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 31 जुलाई को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना प्रोफाइल बायो अपडेट करके इसका संकेत दिया, जिसमें भाजपा का कोई उल्लेख नहीं है। यह कदम राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।

बायो में क्या बदला

पूनावाला ने अपने एक्स प्रोफाइल बायो का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें लिखा था — 'धर्म इस्लाम, संस्कृति-हिंदू, विचारधारा-भारतीय। लेखक: जीएसटी की यात्रा। पीएम मोदी के आजीवन अनुयायी।' नए बायो में भाजपा या उसके किसी पद का कोई जिक्र नहीं है। हालाँकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट रूप से बरकरार रखा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि शहजाद पूनावाला पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से जुड़े थे। 2017 में पार्टी के अध्यक्ष चुनाव को लेकर उठे विवाद के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी। भाजपा में रहते हुए वे टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते थे और विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पर तीखे हमले करते रहे थे।

इस्तीफे की वजह अस्पष्ट

कथित तौर पर इस्तीफे की असली वजह अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। बायो में बदलाव और पार्टी का नाम हटाने से कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन पूनावाला ने इस्तीफे के कारणों पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा के भीतर कई आंतरिक समीकरण चर्चा में हैं।

भाजपा की प्रतिक्रिया

अब तक भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी की चुप्पी ने अटकलों को और हवा दे दी है।

आगे क्या

सियासी विश्लेषकों की नज़र अब इस पर है कि पूनावाला आगे किस दिशा में जाते हैं — क्या वे किसी नई पार्टी से जुड़ेंगे, स्वतंत्र रहेंगे, या कोई और कदम उठाएंगे। उनका मोदी-समर्थन का रुख बरकरार रहने से स्थिति और पेचीदा हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन PM मोदी का समर्थन बरकरार रखा — यह विरोधाभास बताता है कि असंतोष पार्टी संगठन से है, विचारधारा से नहीं। आलोचकों का कहना है कि भाजपा की ओर से चुप्पी इस बात का संकेत है कि पार्टी इस प्रकरण को शांत रखना चाहती है। असली सवाल यह है कि क्या यह व्यक्तिगत मतभेद है या किसी बड़े आंतरिक असंतोष की पहली आहट।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहजाद पूनावाला ने भाजपा से इस्तीफा क्यों दिया?
इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने एक्स पर अपना बायो अपडेट करके भाजपा का नाम हटाया, लेकिन कारणों पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। कथित तौर पर पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेदों के कयास लगाए जा रहे हैं।
शहजाद पूनावाला पहले किस पार्टी में थे?
शहजाद पूनावाला पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में थे। 2017 में पार्टी के अध्यक्ष चुनाव को लेकर विवाद के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल हो गए।
क्या शहजाद पूनावाला अब भी PM मोदी के समर्थक हैं?
हाँ, उन्होंने अपने नए एक्स बायो में खुद को 'पीएम मोदी के आजीवन अनुयायी' बताया है। भाजपा से इस्तीफे के बावजूद PM मोदी के प्रति उनका समर्थन स्पष्ट रूप से बरकरार है।
भाजपा ने पूनावाला के इस्तीफे पर क्या कहा?
31 जुलाई तक भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी की चुप्पी ने राजनीतिक अटकलों को और बल दिया है।
शहजाद पूनावाला भाजपा में किस भूमिका में थे?
शहजाद पूनावाला भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। वे पार्टी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे और टीवी डिबेट व सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों के खिलाफ पार्टी का पक्ष रखते थे।
राष्ट्र प्रेस
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