रामचंद्र गुहा के बाद BJP का वार: 'राहुल गांधी को अपनी पार्टी ने ही नकारा, कर्नाटक में CM बदलने से कुछ नहीं बदलेगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 31 मई 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें न केवल जनता ने, बल्कि उनके अपने गठबंधन साझेदारों और कांग्रेस के भीतर के नेताओं ने भी नकार दिया है। यह बयान इतिहासकार रामचंद्र गुहा के उस लेख के बाद आया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए थे।
पूनावाला का राहुल गांधी पर सीधा हमला
पूनावाला ने कहा, 'पहले तो जनता ने राहुल गांधी को नकार दिया, वे 99 चुनाव हार चुके हैं। फिर गठबंधन के साझेदारों ने राहुल गांधी को नकार दिया, चाहे वह समाजवादी पार्टी (SP) हो, तृणमूल कांग्रेस (TMC) हो, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) हो या उद्धव सेना।' उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के भीतर भी इमरान मसूद जैसे नेता यह माँग उठाते रहे हैं कि राहुल को हटाकर प्रियंका गांधी को नेतृत्व सौंपा जाए।
पूनावाला ने कहा कि अब रामचंद्र गुहा ने भी अपने लेख के ज़रिए यही संदेश दिया है कि 'राहुल तुमसे न हो पाएगा।' BJP प्रवक्ता के अनुसार, राहुल गांधी को 'राजनीतिक दृष्टिकोण से निष्क्रिय' बताने वाली बातें उनके अपने समर्थक ही कह रहे हैं।
कर्नाटक में CM बदलाव पर BJP की प्रतिक्रिया
कर्नाटक में डी. के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए पूनावाला ने कहा कि राज्य में जो 'किस्सा कुर्सी का' चल रहा था, वह कुछ समय के लिए रुका ज़रूर है, लेकिन खत्म नहीं हुआ। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में अंदरूनी खींचतान एक स्थायी पैटर्न बन चुका है।
पूनावाला ने कहा, 'चेहरा बदल गया, मुख्यमंत्री बदल गए, लेकिन क्या चरित्र बदलेगा?' उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार पर ₹8 लाख करोड़ का कर्ज है, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है, और हल्की बारिश में सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
ओबीसी राजनीति पर निशाना
BJP प्रवक्ता ने राहुल गांधी की ओबीसी और जनजाति राजनीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ओबीसी वर्ग की पैरवी का दावा करते हैं, लेकिन कर्नाटक में ओबीसी मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को ही हटाया जा रहा है — यह उनकी राजनीति का विरोधाभास उजागर करता है।
आगे क्या
रामचंद्र गुहा के लेख और अब BJP के इस हमले के बाद कांग्रेस पर नेतृत्व को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का फैसला अभी औपचारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है, और राजनीतिक हलकों में इस पर चर्चा जारी है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।