क्या राहुल गांधी असुरक्षित नेता हैं? कांग्रेस अपने ही नेताओं का अपमान कर रही है: शहजाद पूनावाला
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस के अंदर असहमति की स्थिति है।
- राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- शशि थरूर को दरकिनार किया गया है।
- कांग्रेस का लोकतंत्र पर दावा कमजोर हो रहा है।
- भाजपा ने कांग्रेस के अंदर की खींचतान को सार्वजनिक किया है।
नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता शशि थरूर के अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की बैठक में सम्मिलित नहीं होने पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस एक बार फिर 'टुकड़े-टुकड़े' मोड में है। वह अपने ही नेताओं को दरकिनार और अपमानित कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, इस समय जो कुछ भी पब्लिक में हो रहा है, वह डॉ. शशि थरूर बनाम केरल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के बीच है। यह कोई नई बात नहीं है। हमने पहले भी ऐसी स्थितियों का सामना किया है, जैसे राहुल गांधी बनाम प्रियंका गांधी, डीके शिवकुमार बनाम सिद्धारमैया, गहलोत बनाम पायलट, सुक्खू बनाम प्रतिभा सिंह और कांग्रेस बनाम कांग्रेस।
शहजाद पूनावाला ने कहा, "राहुल गांधी को जनता पहले ही नकार चुकी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उन्हें नेता के रूप में स्वीकार नहीं करते। इसका ताजा उदाहरण शकील अहमद हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी असुरक्षित और नासमझ नेता हैं। वे असुरक्षा की भावना से काम करते हैं।"
शहजाद पूनावाला ने कहा, "शकील अहमद, जो मंत्री भी रह चुके हैं, उन्होंने कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कितने इनसिक्योर नेता हैं। राहुल गांधी एक मजबूत कांग्रेस तो चाहते हैं, लेकिन मजबूत कांग्रेसी नहीं चाहते।" कांग्रेस पार्टी यह दावा करती है कि वह लोकतांत्रिक है, लेकिन न तो संविधान का पालन करती है और न ही पार्टी के भीतर लोकतंत्र का।
भाजपा नेता ने कहा कि शकील अहमद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को संविधान की कोई परवाह नहीं है और उन्होंने एसआईआर का मुद्दा उठाया, लेकिन जमीन पर उसमें कोई दम या सच्चाई नहीं थी। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस को बर्बाद करने में राहुल गांधी का सबसे बड़ा हाथ है, और यह केवल शकील अहमद की राय नहीं है, बल्कि हर कांग्रेस नेता की यही भावना है।