राहुल गांधी कांग्रेस के लिए बोझ, उनके नेतृत्व में पार्टी का कोई भविष्य नहीं: शाहनवाज हुसैन
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 31 मई को पटना में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी के लिए बोझ बन चुके हैं और उनके नेतृत्व में कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है। इसी दौरान बेतिया से भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी कर्नाटक में मुख्यमंत्री परिवर्तन की अटकलों और राबड़ी देवी के सरकारी बंगले विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
राहुल गांधी पर शाहनवाज हुसैन का हमला
हुसैन ने कहा, 'कांग्रेस का भविष्य कहीं नहीं है। लोग मान चुके हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस के लिए बोझ हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव हारती है।' उन्होंने आगे कहा, 'महात्मा गांधी ने जो कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए, इस सपने को राहुल गांधी पूरा करेंगे। आज कांग्रेसियों को कांग्रेस पर यकीन नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं।
कर्नाटक मुख्यमंत्री विवाद पर भाजपा की प्रतिक्रिया
कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन पर हुसैन ने कहा, 'कांग्रेस किसी को भी मुख्यमंत्री बना सकती है, चार की जगह 40 उपमुख्यमंत्री नियुक्त कर सकती है — इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कर्नाटक के लोग कांग्रेस से नाखुश हैं और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।' भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी इस पर कहा, 'चेहरा बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि चरित्र वही रहेगा। जिस तरह सिद्दारमैया सरकार ने भ्रष्टाचार किया था, उसी तरह डी.के. शिवकुमार भी काम करेंगे।' गौरतलब है कि कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही हैं।
अभिषेक बनर्जी और पश्चिम बंगाल पर तीखी टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले पर हुसैन ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस, अभिषेक बनर्जी के सहयोगियों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर मिलीभगत थी, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता TMC के लोगों से नाराज है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा अभिषेक बनर्जी को आत्मचिंतन करना चाहिए। जायसवाल ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर लोगों को धमकी दी थी कि वोट नहीं देने पर घर तोड़ दिए जाएंगे, लेकिन इस बार की जनता नहीं डरी।
राबड़ी देवी के सरकारी बंगले पर विवाद
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली करने से इनकार के मामले पर हुसैन ने सवाल उठाया कि आखिर सरकारी बंगले से इतनी मोहब्बत क्यों है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी को नया आवंटित बंगला स्वीकार करना चाहिए और पुराना बंगला खाली करना चाहिए, क्योंकि वह एक दलित मंत्री को आवंटित किया गया है। जायसवाल ने भी इस पर कहा, 'अनुसूचित जाति को बंगला आवंटित किया गया है, इसलिए राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली न करना निंदनीय है। लालू यादव के पूरे परिवार को यह बर्दाश्त नहीं होता कि गरीब को सुविधा मिले।'
आगे क्या
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें, पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर उठापटक और बिहार में बंगले का विवाद — ये सभी मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रहने की संभावना है। भाजपा इन मुद्दों को विपक्षी दलों की कमज़ोरी के प्रमाण के रूप में आगामी चुनावी रणनीति में भुनाने की कोशिश करेगी।